24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
एससीओ में भारत व पाक को शामिल किए जाने की प्रक्रिया तेज हो
12-05-2012
बीजिंग। रूस चाहता है कि शंघाई सहयोग संगठन [एससीओ] में भारत व पाकिस्तान को शामिल किए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक रूस के कार्यवाहक विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को बीजिंग में एससीओ के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि इन दोनों देशों को सदस्यता देने के निर्णय में देरी करने का प्रतिकूल असर हो सकता है। साल 2001 में गठित एससीओ में रूस, चीन, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान व किर्गिस्तान शामिल हैं। संगठन में पाकिस्तान, भारत, ईरान व मंगोलिया को पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त है, जबकि तुर्कमेनिस्तान व अफगानिस्तान इसकी बैठकों में मेहमान राष्ट्रों के रूप में शामिल होते हैं। चीन ने एक अगस्त, 2011 को संगठन में अध्यक्ष पद ग्रहण किया था। एससीओ का अध्यक्ष बदलता रहता है। बैठक के दौरान लावरोव ने कहा कि अफगानिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय बैठक 14 जून को काबुल में होगी। लावरोव ने कहा कि हमें अफगानिस्तान संबंधी परेशानियों पर सभी अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए, उन्हें अपनी स्थिति बतानी चाहिए और अफगानिस्तान के राजनीतिक व आर्थिक पुनर्रुद्धार के उद्देश्य को पूरा करने के अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों में रचनात्मक योगदान की एससीओ की तत्परता से अवगत कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को एससीओ पर्यवेक्षक का दर्जा देने से ये लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी