19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
चांसलर एंजला मर्केल को तगड़ा झटका
15-05-2012

बर्लिन। यूरोपीय देशों में कड़ी आर्थिक नीतियों की समर्थक सरकारों के पतन के बीच जर्मनी के के नार्दराईन वेस्टफाइलन राज्य में रविवार को हुए चुनावों में जनता ने चांसलर एंजला मर्केल की दक्षिणपंथी क्रिस्चियन डेमोक्रेट पार्टी को तगड़ा झटका देते हुए विपक्षी सोशल डेमोक्रेट्स के हाथ में प्रांतीय सत्ता की चाबी थमा दी। मर्केल की पार्टी को जहां इस राज्य में 2005 में हुए चुनावों 45 फीसदी मत हासिल हुए थे वहीं 2010 में उनका समर्थन गिरकर 35 फीसदी और मौजूद चुनावों के बाद 26 फीसदी पर आ गया है। इसके विपरीत वाम राजनीति के समर्थक समझे जाने वाले सोशल डेमोक्रेट्स ने मौजूदा चुनाव में 39 फीसदी मतों के साथ पहले स्थान पर कब्जा जमाया है। वाम पर्यावरणवादी दल ग्रीन पार्टी ने भी 11 फीसदी मतों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है। इस चुनाव में किसी भी किस्म के कापीराइट के खिलाफ मानी जाने वाली पाईरेट पार्टी को भी आठ फीसदी मत हासिल हुए हैं। पाईरेट पार्टी ज्ञान के मुक्त प्रसार की पैरवी करती है। पाईरेट पार्टी प्रत्यक्ष लोकतंत्र डाईरेक्ट डेमोक्रेसी की भी पक्षधर है और उसका मानना है कि इंटरनेट के जरिये लोग महत्वपूर्ण राजनीतिक मसलों पर अपने विचार दे सकते हैं और तब उन्हें अपने प्रतिनिधियों को चुनकर संसद भेजने की आवश्यकता नहीं रहेगी। जर्मनी में ये चुनाव ऎसे समय पर आयोजित हुए हैं जब यूरोपीय देशों में बेलआउट पैकेज और कड़ी आर्थिक नीतियों की समर्थक सरकारें ताश के पत्तों की तरह एक के बाद एक भरभराकर गिरती जा रही हैं।मर्केल ने फ्रांस में हाल ही में हुए चुनावों में दक्षिणपंथी राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी का समर्थन किया था। मीडिया के एक हिस्से में इन दोनों का गठबंधन मरकोजी के नाम से प्रचलित भी हो गया था। मर्केल को इस चुनाव में मिली शिकस्त का खामियाजा अगले वर्ष होने वाले संसदीय चुनावों में भी उठाना पड़ सकता है।