24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ईरान के खिलाफ कारवाई के लिए तैयार
18-05-2012

यरुशलम। अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि उसके खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की पूरी योजना तैयार कर ली गई है। यह बयान विश्व शक्तियों से ईरान के दोबारा बातचीत शुरू करने से पहले आया है। इजरायल में अमेरिका के राजदूत डीबी शापिरो के इस बयान का असर बातचीत पर भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय जानकारों का कहना है कि बातचीत शुरू होने से पहले अमेरिका को ऐसे भड़काऊ बयान जारी करने से बचना चाहिए। वहीं, कयास लगाए जा रहे हैं कि विश्व शक्तियों के साथ बातचीत के दौरान ईरान परमाणु हथियारों को विकसित करने की मांग रख सकता है। इजरायल पहले ही ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए कमर कस चुका है। लेकिन अमेरिका की बेरुखी के कारण वह फिलहाल चुपी साधे है। अमेरिका ने कहा कि ईरान को बम बनाने से रोकने का आखिरी तरीका सैन्य कार्रवाई ही है। इससे पहले अमेरिका ईरान के खिलाफ विभिन्न विकल्पों के इस्तेमाल की बात करता रहा है।इजरायल के सैन्य रेडियो ने गुरुवार को कहा कि शापिरो ने मंगलवार को कहा था कि ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम पर बने गतिरोध को सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति या उस पर दबाव बनाकर सुलझाने को प्राथमिकता देना चाहिए। उन्होंने कहा, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का अंतिम विकल्प खुला नहीं है। ईरान के खिलाफ हमारी योजना पूरी तरह से तैयार है। भविष्य में भी हम पूरी सैन्य तैयारी बनाए रखेंगे। उल्लेखनीय है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को संदिग्ध मानते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा चुके हैं। इसके बावजूद वह परमाणु कार्यक्रम को जारी रखने पर अड़ा है। हालांकि ईरान शुरू से कहता रहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम का मकसद अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। यह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम की वजह से इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए युद्ध का खतरा हमेशा बना है।ईरान ने दिए सीरिया को हथियारईरान ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए सीरिया को हथियार निर्यात किया है। यह आरोप ईरान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की निगरानी कर रहे पैनल ने रिपोर्ट में कही है। निगरानी विशेषज्ञों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ईरान पर प्रतिबंध संबंधी समिति को यह रिपोर्ट सौंप दी है। पैनल ने एक साल के दौरान ईरान से निर्यात किए गए अवैध हथियारों के तीन बड़े जखीरों की जांच की है। हमें पता चला है कि इनमें से दो जखीरों की आपूर्ति सीरिया के लिए की गई थी। साफ है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है। इससे पहले भी जांच के दौरान पता लगा था कि ईरान के अवैध हथियारों की बिक्री के लिए सीरिया मुख्य देश बनता जा रहा है।