24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अफगानिस्तान के भविष्य का फैसला शिकागो में
19-05-2012

वाशिंगटन। अफगानिस्तान के भविष्य का फैसला रविवार को शिकागो में होगा। नाटो देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नेता बैठक कर 2014 के बाद इस देश की स्थिति पर मंथन करेंगे। सम्मेलन में 2014 के बाद नाटो की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डानीलोन ने पत्रकारों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘अफगान युद्ध के खात्मे के लिए शिकागो एक अहम पड़ाव हैं।यह अफगानिस्तान में हमारे लक्ष्यों की पूर्ति का भी प्रतीक है।इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्रांस्वा ओलांद, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी सहित कई देशों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। डानीलोन ने बताया कि सम्मेलन में अफगान सेना के ढांचे और उसकी क्षमता पर भी फैसला किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस समय अफगानिस्तान की क्षमता तीन लाख 30 हजार सैनिकों की है। आगे चलकर यह तीन लाख 52 हजार तक हो जाएगी। इस दिशा में हम काम कर रहे हैं। डानीलोन ने कहा कि ऐसी सेना को चलाने के लिए सालाना 400 करोड़ डॉलर की जरूरत होगी। इसकी पूर्ति के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी ने सहयोग राशि मुहैया कराने का वादा किया है। सम्मेलन के दौरान अन्य देश भी इसकी घोषणा कर सकते हैं।ओबामा-जरदारी बैठक की योजना नहीं शिकागो में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके पाकिस्तानी समकक्ष आसिफ अली जरदारी के बीच द्विपक्षीय बैठक की कोई योजना नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टाम डोनीलोन ने कहा कि ओबामा का अफगानी राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ द्विपक्षीय बैठक की योजना है। इसका कारण सबको पता है, क्योंकि इस सम्मेलन का फोकस अफगानिस्तान है। उन्होंने कहा कि जरदारी अपने विदेश मंत्री और विदेश सचिव के साथ बैठक में शामिल होंगे। दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा है कि नाटो आपूर्ति मार्ग खोलने को लेकर अभी तक पाकिस्तान से कोई समझौता नहीं हुआ है।जी-आठ नेता करेंगे ईरान और आर्थिक संकट पर माथापच्ची जी-आठ देशों के नेताओं की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को रात्रिभोज के साथ कैंप डेविड में शुरू हुई। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और समूह के अन्य देशों के नेता ईरान पर प्रतिबंध, म्यांमार के बदले हालात और यूरोप में आर्थिक संकट समेत विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टाम डोनीलोन ने यह जानकारी दी। यह पहला मौका है जब जी-8 शिखर सम्मेलन कैंप डेविड में आयोजित किया जा रहा है। जी-8 आर्थिक रूप से ताकतवर दुनिया के आठ शीर्ष देशों का समूह है। अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, कनाडा और रूस इसके सदस्य हैं।