24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
2014 के अंत तक अफगान मिशन खत्म
23-05-2012

वाशिंगटन। नाटो शिखर सम्मेलन की समाप्ति के साथ ही यह साफ हो गया है कि सदस्य देश अब ज्यादा दिन अफगानिस्तान में नहीं रहना चाहते हैं। सम्मेलन में सदस्य देश 2014 के अंत तक अफगान मिशन खत्म करने पर सहमत हो गए। साथ ही अगले साल के अंत तक विदेशी सैनिक इस देश से वापस हो जाएंगे। सम्मेलन की समाप्ति के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस देश में ज्यादा समय तक सैनिकों की तैनाती को नुकसानदेह बताया है। साथ ही कहा है कि अब वक्त आ गया है जब अफगानिस्तान से सैनिकों को हटाकर अपने घरेलू मामलों पर ध्यान दिया जाए। ओबामा ने कहा कि विदेश में एक दशक से ज्यादा वक्त तक सैनिकों की मौजूदगी न सिर्फ सैनिकों, बल्कि स्थानीय लोगों में भी तनाव भर देती है। ऐसे वक्त में स्थानीय लोग अपनी संप्रभुता को लेकर काफी संवेदनशील होते हैं। सेना हटाने के कार्यक्रम का खुलासा करते हुए ओबामा ने कहा, ‘साफ कहूं तो अफगानिस्तान में बड़ी संख्या में हमारी मौजूदगी समय के साथ-साथ नुकसानदेह हो सकती है।गौरतलब है कि दो दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन की शुरुआत रविवार को शिकागो में हुई थी। सम्मेलन में 60 देशों के नेताओं ने अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) के मिशन को 2014 के अंत तक समाप्त करने की घोषणा की। 2013 के बाद जब सभी अंतरराष्ट्रीय सेनाएं अफगानिस्तान से चली जाएंगी तो नाटो वहां अपना नया मिशन शुरू करेगा। ओबामा ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि अफगानिस्तान के सुरक्षा बल अपने देश की सुरक्षा का कमान संभालें।फ्रांस और भी जल्दी में  अफगानिस्तान से बोरिया-बिस्तर समेटने के मामले में फ्रांस अमेरिका से भी जल्दी दिखा रहा है। शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस के नए राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने तय समय से एक साल पहले 2012 के अंत तक अफगानिस्तान से फ्रांसीसी सैनिकों की वापसी की बात दुहराई। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि अफगान युद्ध के मामले में हमारा अभियान पूरा हो चुका है। सम्मेलन के अंत में उन्होंने कहा,‘ हमने अपने हिस्से से ज्यादा काम किया है और मैं सभी को याद दिला दूं कि फ्रांस ने अपने 83 लोगों की जान गंवाई है और काफी घायल हुए हैं। मैं उनकी हिम्मत और त्याग के लिए उन्हें सलाम करना चाहता हूं।करजई ने कहा तालिबान अक्षम अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने दावा किया है कि तालिबान दोबारा देश पर कब्जा करने में सक्षम नहीं है। नाटो शिखर सम्मेलन से अलग सीएनएन से बातचीत में करजई ने कहा, ‘तालिबान में हमले करने की क्षमता हो सकती है। वह आईईडी विस्फोट कर सकता है और आत्मघाती हमलावर भेज सकता है। लेकिन, वह देश पर कब्जा कर उसे फिर पीछे नहीं ले जा सकता।करजई ने कहा, ‘अफगानिस्तान आगे निकल गया है और वह अपनी रक्षा करेगा। हमने जो विकास किया है अफगानी नागरिक उसे पीछे ले जाने की अनुमति नहीं देंगे।यह पूछने पर कि क्या उनकी सरकार तालिबान के साथ बातचीत करने को तैयार है, करजई ने जवाब दिया, ‘बिल्कुल