17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
संविधान सभा का कार्यकाल नहीं बढ़ेगा: नेपाल
25-05-2012
काठमांडू। नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने संविधान सभा की अवधि को एक और विस्तार देने पर रोक लगा दी है। यह रोक कैबिनेट द्वारा संविधान सभा को तीन महीने और विस्तार देने के कदम के कुछ दिनों बाद लगाई गई है। यह आदेश चीफ जस्टिस खिल राज रेगमी की एकल पीठ ने वकील बाल कृष्ण नेउपाने और भारत मणि जंगम की ओर से दायर रिट याचिका पर दिया। याचिकाकर्ताओं ने इस रिट याचिका में दलील दी है कि कैबिनेट का मंगलवार का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के आदेश का पालन करने में असफल रहा जो संविधान सभा की 27 मई की अंतिम समयसीमा को और कोई विस्तार देने के खिलाफ आया था। प्रधानमंत्री भट्टाराई की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में 27 मई को समाप्त हो रहे संविधान सभा की अवधि को तीन महीने और बढ़ाने की इजाजत प्राप्त करने के लिए प्रयास करने का निर्णय किया गया था। कैबिनेट ने यह निर्णय इसलिए किया क्योंकि संविधान सभा का कार्यकाल 27 मई को समाप्त हो रहा है और तब तक संविधान निर्माण की संभावना नहीं है।उपप्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा संविधान सभा के कार्यकाल में विस्तार को लेकर उपप्रधानमंत्री ने माओ नेतृत्व वाली सरकार से इस्तीफा दे दिया है। नेपाली कांग्रेसके नेता और उपप्रधानमंत्री कृष्णा सिताउला ने माओवादी नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से इस्तीफा देते हुए कहा कि संविधान सभा के कार्यकाल का 27 मई के आगे विस्तार का उनकी पार्टी विरोध करती है। सिताउला ने कहा कि संविधान की तय समय सीमा 27 मई तक पूरा होने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में कैबिनेट में रह कर सरकार का समर्थन करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ संविधान समिति के कार्यकाल को बढ़ाया नहीं जा सकता है।