17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
भारत-पाक के बीच गृह सचिव स्तर की वार्ता शुरू
25-05-2012

इस्लामाबाद। भारत-पाकिस्तान के बीच गुरुवार को गृह सचिव स्तर की वार्ता शुरू हो गई। भारत ने मुंबई हमला मामले की सुनवाई की धीमी गति पर चिंता जताई। इस दौरान भारत ने कहा है कि पाकिस्तान उन ताजा सबूतों पर अमल करे जो भारत ने लश्करे तैयबा संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद और मुंबई हमले के अन्य षड्यंत्रकर्ताओं के खिलाफ मुहैया कराए हैं। ये सबूत मार्च में भारत आए न्यायिक आयोग को दिए गए थे। यह जानकारी गृह सचिव आरके सिंह ने दी। वह पाकिस्तानी गृह सचिव ख्वाजा सिद्दीकी अकबर के साथ अपनी दो दिवसीय वार्ता के पहले दिन की बातचीत समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। सिंह ने इसके साथ ही कहा कि 2008 के मुंबई हमले की तुलना 2007 के समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंबई पर हमला सीमापार आतंकवादी घटना थी जबकि ट्रेन बम विस्फोट की घटना भारत में हुई थी। उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है।भारतीय गृह सचिव ने वार्ता शुरू होने से पहले मुंबई हमले के षड्यंत्रकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे की धीमी गति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, ‘मुंबई में 26/11 हमलों के कई असली आरोपियों को पाकिस्तानी कोर्ट में अभी तक पेश ही नहीं किया गया है। पाकिस्तानी कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ सुनवाई बहुत ही धीमी चल रही है। कई ऐसे असली अभियुक्त हैं जिन्हें कोर्ट में पेश ही नहीं किया गया है।गौरतलब है कि भारत ने इन हमलों में कई सेवानिवृत्त और मौजूदा पाक फौजी अफसरों पर भी शक जताया था। पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है। भारत ने आरोपियों की आवाज के नमूने देने की भी अपील की थी। जिसे पाकिस्तान ने मना कर दिया था।पहले दिन व्यापक मुद्दों पर चर्चा भारतीय और पाकिस्तानी गृह सचिवों के बीच बैठक दो दिन चलेगी। इस दौरान वीजा नियमों में सहूलियत और मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई पर चर्चा होने की उम्मीद है। इससे पहले दोनों सचिवों के बीच पिछले साल मार्च में बातचीत हुई थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गुरुवार की बातचीत में दोनों पक्षों ने व्यापक मुद्दों पर चर्चा की। इनमें आतंकवाद, मादक पदार्थ तस्करी, नरम वीजा व्यवस्था, नकली नोट चलाने में शामिल नेटवर्क और मानवीय मुद्दे जैसे नागरिक कैदियों की रिहाई एवं दोनों देशों की जेलों में बंद मछुआरों के मामले शामिल थे।भगोड़ों को सौंपने की मांग सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष ने उन भगोड़ों को सौंपने की मांग की जो कथित रूप से पाकिस्तान में शरण लिए हुए हैं। इनमें अंडरवल्र्ड सरगना दाऊद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन के कई नेता शामिल हैं।इस्लामाबाद ने उठाया समझौता ब्लास्ट पाकिस्तानी पक्ष ने वार्ता के पहले दिन समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट का मामला उठाया। पाकिस्तान की ओर से ब्लास्ट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गौरतलब है कि इस विस्फोट में 42 पाकिस्तानीं सहित करीब 70 लोग मारे गए थे।