19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
उदार वीजा पर नहीं हो सका फैसला
26-05-2012

इस्लामाबाद। भारत-पाक के बीच आसानी से वीजा देने के लिए नई व्यवस्था बनाने पर सहमति बनाने में सफलता नहीं मिल पाई है। इस्लामाबाद में शुक्रवार को दोनों देशों के गृह सचिवों के बीच बातचीत खत्म होने के बाद पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस समझौते के अहम पहलू हैं। ऐसे में पहले इस पर राजनीतिक स्तर पर सहमति जरूरी है।मलिक ने कहा, ‘पाकिस्तान ने भारत के साथ नई वीजा प्रणाली से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर करने का सैद्धांतिक रूप से फैसला कर लिया था, लेकिन मौजूदा वार्ता में इस पर हस्ताक्षर नहीं किया जा सका है। इसे टाल दिया गया है।उन्होंने यह नहीं बताया कि अब समझौता कब होगा। इस बात की पूरी संभावना थी कि भारतीय गृह सचिव आरके सिंह और पाकिस्तान के गृह सचिव ख्वाजा सिद्दीक अकबर वार्ता की समाप्ति पर नई वीजा प्रणाली पर हस्ताक्षर करेंगे। दो दिवसीय इस वार्ता की शुरुआत गुरुवार को हुई थी।चिदंबरम को न्योता मलिक ने अपने भारतीय समकक्ष पी चिदंबरम को पाकिस्तान आने का न्योता इस दौरान दिया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चिदंबरम का पाकिस्तान में स्वागत है और यदि वह वीजा समझौते पर हस्ताक्षर के लिए इस्लामाबाद आते हैं तो उन्हें खुशी होगी।सईद पर सबूत मलिक ने बताया कि दोनों पक्षों ने वार्ता के दौरान आतंकवाद से जुड़े मामलों में दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। भारत की ओर से जमात उद दावा के प्रमुख और लश्कर संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ और सबूत मिले हैं। मलिक ने कहा कि इन सबूतों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे पर आरोप लगाने की बजाए दोनों देशों को आतंकवाद के मसले पर मिलकर काम करना चाहिए।बलूचिस्तान पर विचार पाकिस्तानी गृहमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि दोनो पक्षों ने बलूचिस्तान में कथित रूप से भारत के हस्तक्षेप के मुद्दे पर भी चर्चा की। भारतीय गृह सचिव ने इस मामले से जुड़े सबूत ख्वाजा से मांगे।