19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
टोनी ब्लेयर से लेवेसन आयोग के सवाल जवाब
29-05-2012

लंदन। ब्रिटेन में फोन हैकिंग मामले के बाद मीडिया की दिशा तय करने के लिए गठित लेवेसन आयोग ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से इस संबंध में सवाल जवाब किए। इस मामले में ब्रिटेन के मौजूदा प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भी दो सप्ताह बाद 14 जून को आयोग के समक्ष पेश हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ब्लेयर को इस मामले में लेवेसन आयोग के सामने प्रस्तुत होना पड़ा। आयोग की कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक तो नहीं किया गया है लेकिन ऎसी संभावना जताई जा रही है कि इस दौरान ब्लेयर सरकार और फोन हैकिंग प्रकरण को अंजाम देने वाले दैनिक न्यूज आफ द वल्र्ड के मालिक रूपट मर्डोक के बीच के संबंधों को जानने का प्रयास किया गया होगा। आयोग ने संभावित रूप से ब्लेयर से यह भी जानने का प्रयास किया होगा कि क्या मर्डोक के मीडिया साम्राज्य के साथ वह नजदीकियां बढ़ा रहे थे। ब्लेयर मर्डोक की कंपनी न्यूज कार्प के अधिशासी अधिकारियों को संबोंधित करने के लिए वर्ष 1995 में आस्ट्रेलिया भी गऎ थे। ब्लेयर के कैबिनेट में मंत्री रहे पीटर मेंडेलसन इससे पहले आयोग को बता चुके हैं कि ब्लेयर तथा पूर्व प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन और रूपर्ट मर्डोक के बीच काफी नजदीकी संबंध थे। ब्लेयर और मर्डोक की दोस्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह मर्डोक की एक पुत्री के गाडफादर भी बन गए थे। ईसाई मान्यता में बच्चों का बपतिस्मा कराने वाले को गाडफादर कहते हैं। यह मामला हाल में ब्रिटेन की राजनीति में सबसे अधिक उथल पुथल मचाने वाले मसले के तौर पर उभरा है। उल्लेखनीय है कि न्यूज आफ द वल्र्ड अखबार के पत्रकारों पर ब्रिटेन के जाने माने लोगों, युद्ध विधवाओं, लंदन हमले के शिकार हुए लोगों इत्यादि के फोन टेप करने का आरोप है। इस मामले के तूल पकड़ने के साथ ही मर्डोक को पिछले वर्ष 168 वर्ष पुराने इस अखबार को भंग करने के एजबूर होना पडा था। इस मामले में न्यायाधीश लेवेसन के नेतृत्व में गठित किए गए आयोग की जांच दो हिस्सों में बंटी हुई है। इसके पहले हिस्से के तहत प्रेस के आचरण के संबंध में जांच की जानी है जबकि दूसरा हिस्सा हैकिंग प्रकरण की जांच से संबंधित है।