19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका का सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप से इनकार
31-05-2012

बेरुत/वाशिंगटन। सीरिया में हिंसा का दौर जारी है। सेना और विद्रोहियों के बीच ताजा हिंसा में 61 नागरिकों सहित 98 लोगों की मौत की खबर है। दूसरी ओर, अमेरिका ने सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप से इनकार किया है। चीन भी सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप के विरोध में है। वहीं, रूस सीरिया में जारी नरसंहार पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। पश्चिमी देशों द्वारा सीरिया के राजनयिकों को निष्कासित किए जाने का रूस ने विरोध किया है। साथ ही चेताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सीरिया के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई न करे। रूसी उप विदेश मंत्री गेनेडी गटिलोव ने कहा, हमें लगता है कि सुरक्षा परिषद को इस तरह की कार्रवाइयों की समीक्षा करनी चाहिए। यह जल्दबाजी में उठाया गया कदम है। इस बीच, जापान और तुर्की ने भी सीरिया के राजनयिकों को देश से निकाल दिया है। रूस की यह चेतावनी फ्रांसिसी राष्ट्रपति फ्रास्वां ओलांद की सैन्य कार्रवाई की संभावना जताने के बाद आई है। उधर, चीन के विदेश मंत्री लियू वेइमिन ने कहा, चीन अन्य देशों से शांति दूत कोफी अन्नान के संघर्ष विराम संबंधी प्रस्ताव को लागू कराने और बातचीत से हिंसा को खत्म करने की मांग करता है। सुरक्षा परिषद ने रविवार को होउला शहर में नरसंहार के लिए सीरियाई सरकार की निंदा की थी। इस हिंसा में कम से कम 108 नागरिक मारे गए थे। तुर्की और जापान ने भी किया निष्कासित  बुधवार को तुर्की और जापान ने सीरियाई राजदूत और सभी राजनयिकों को 72 घंटे में देश छोड़ने के आदेश दिए हैं। मंगलवार को 8 देश सीरियाई राजनयिकों को निकाल चुके हैं। सीरिया ने भी दिखाए तेवर पश्चिमी देशों को जवाब के रूप में सीरिया ने भी बुधवार को नीदरलैंड के राजनयिक को निष्कासित कर दिया। नीदरलैंड ने सात फरवरी को ही अपने राजदूत को वापस बुलाकर 20 मार्च को दूतावास बंद कर दिया था।