19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने पाक से आफरीदी मामले में स्पष्टीकरण मांगा
01-06-2012

वाशिंगटन। अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का पता बताने वाले डॉक्टर शकील आफरीदी को आतंकियों के साथ संबंध रखने के चलते 33 साल की सजा मिलने की बात अमेरिका के गले नहीं उतर रही। इस नई कहानी पर अविश्वास जताते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। ओबामा प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमें पाकिस्तान की इस नई कहानी पर कोई भरोसा नहीं है। हम इस तर्क से बिल्कुल सहमत नहीं है कि आफरीदी के आतंकियों से संबंध थे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने अमेरिका द्वारा पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांगे जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा,'हमने पाकिस्तान सरकार के सामने यह मामला उठाया है।' पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी की खबरों में कहा गया था कि एबटाबाद में एक नकली टीकाकरण अभियान चलाकर ओसामा को ढूंढ़ने के लिए सीआइए की मदद करने के लिए आफरीदी को सजा दी गई है। मगर बुधवार को आई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि आफरीदी को अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए के साथ उसके संबंधों को लेकर नहीं बल्कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम और उसके प्रमुख मंगल बाग के साथ संबंध रखने के आरोप में सजा मिली है। यह आतंकी संगठन कबायली इलाके खैबर में सक्रिय है। डॉक्टर से हमारे संबंध नहीं : लश्कर पेशावर, रायटर : लश्कर-ए-इस्लाम ने गुरुवार को कहा है कि ओसामा बिन लादेन को ढूंढ़ने में सीआइए की मदद करने वाले डॉक्टर शकील आफरीदी से उसका कोई संबंध नहीं था। बुधवार को अदालत की ओर से जारी किए गए दस्तावेजों में कहा गया था कि आफरीदी को एलआइ के साथ संबंधों के कारण 33 साल सजा सुनाई गई है। एलआइ के कमांडर अब्दुल रशीद ने कहा, 'इसमें कोई सचाई नहीं है। हम खुद डॉक्टर को पकड़ना चाहते थे। अगर हम उसे पकड़ लेते, तो उसे शरिया कानून के तहत सजा दी जाती।'