24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने पर आपत्ति: निरुपमा राव
01-06-2012

वाशिंगटन। भारत ने एच1-बी और एल1 वीजा को लेकर अमेरिका की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने पर आपत्ति जताई है। भारत ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी को देखते हुए इस फैसले को आगे जारी रखना संभव नहीं हो पाएगा। अमेरिका में भारत की राजदूत निरुपमा राव ने बुधवार को कहा कि भारत और अमेरिका को दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का हवाला दिया, जिसमें क्लिंटन ने कहा था कि दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी में काफी अधिक संभावनाएं है। राव ने उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी का उल्लेख किया। वहीं भारतीय कारोबारियों ने यह चिंता जताई है कि उन्हे लगातार कड़े हो रहे वीजा नियमों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां 13 जून को भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता से पहले राव ने वाशिंगटन के थिंकटैक एटलांटिक काउंसिल से कहा कि पिछले पांच सालों में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग ने अमेरिका के टेक्सास में 15 अरब डॉलर का योगदान किया। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से एच1-बी और एल1 वीजा पर लगाई गई नई रोक का प्रभाव उन्हीं पर पड़ रहा है। राव ने उम्मीद जताई है कि जैसे जैसे भारत में निवेश बढ़ता जाएगा,भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए अमेरिका में पांव फैलाना आसान होता जाएगा।