24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
न्यूजर्सी में छात्र वीजा धोखाधड़ी का मामला
06-06-2012

वाशिंगटन। न्यूजर्सी स्थित शिक्षण संस्थानों के आठ अधिकारियों को वीजा धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में ज्यादातर भारतीय मूल के लोग शामिल हैं। संघीय अधिकारियों ने ज्यादातर छात्रों खासकर भारतीय छात्रों को पढ़ाई जारी रखने या वापस लौटने जैसे कई विकल्प दिए हैं। पिछले साल कैलिफोर्निया स्थित ट्राई वैली यूनिवर्सिटी में हुए ऐसे मामले पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने मंगलवार को भारतीय छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने या देश वापसी का विकल्प दिया। यह मामला ट्राई वैली यूनिवर्सिटी [टीवीयू] के मामले से अलग है, जहां जालसाजी को लेकर छात्र गिरफ्तार किए गए थे और उन्हें रेडियो टैग लगाकर रखा गया था। रेडियो टैग इलेक्ट्रानिक उपकरण है जिसे पांव में लगाया है। इसकी मदद से अमुक व्यक्ति कहां हैं, यह आसानी से पता चल जाता है। न्यूजर्सी स्थित अमेरिकन हेल्थ एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट [एएचटीआइ] और विजन करियर कंसल्टेंट्स [वीसीसी] के अधिकारियों को पकड़ा गया है। आव्रजन कंपनी वीसीसी विदेशी छात्रों को एएचटीआइ में प्रवेश कराने में मदद करती थी और उनसे मोटी फीस वसूलती थी। वीसीसी की ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, भारत और न्यूजीलैंड में शाखाएं हैं। खास बात यह है कि भारत में वीसीसी की पांच शाखाएं हैं और यह सभी गुजरात के अहमदाबाद, आणंद, बडौदा, नाडियाड और गांधीनगर में है। 15 साल पुराने एएचटीआइ में करीब दो सौ विदेशी छात्र पढ़ते हैं, इनमें ज्यादातर छात्र भारतीय हैं। आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन द्वारा गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में एएचटीआइ का अध्यक्ष मनामदुरई सोमालिंगम भी शामिल है। इन सभी को गिरफ्तारी के बाद अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। उल्लेखनीय है कि पिछले साल जनवरी में टीवीयू के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और वीजा नियमों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज होने के बाद विश्वविद्यालय को बंद कर दिया गया था। इनमें भी 95 फीसदी छात्र भारतीय थे।