19 February 2019



खेलकूद
फुटबॉल के दूसरे सबसे बड़े टूर्नामेंट का आगाज
07-06-2012

नई दिल्ली। पोलैंड-यूक्रेन की संयुक्त मेजबानी में शुक्रवार से फुटबॉल के दूसरे सबसे बड़े टूर्नामेंट का आगाज हो जाएगा। 2008 में स्पेन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सनसनी फैलाई थी। स्पेन ने खिताबी मुकाबले में जर्मनी को नजदीकी मात देते हुए 44 साल बाद कप पर कब्जा जमाया था। रूस और तुर्की सेमीफाइनलिस्ट रहे थे। स्पेन के लिए टूर्नामेंट में कुल चार गोल दागने वाले स्पेन डेविड विला टॉप स्कोरर बने थे। टूर्नामेंट के इतिहास की बात करें तो 1960 में यूरोपियन नेशंस कप के तौर पर इसकी शुरुआत हुई। पहला टूर्नामेंट सोवियत यूनियन ने यूगोस्लाविया को मात देकर जीता था। 1964 में दूसरा टूर्नामेंट स्पेन ने अपनी ही धरती पर जीता। उसने फाइनल में सोवियत यूनियन को मात दी थी। तीसरा 1968 में इटली ने अपनी मेजबानी में अपने नाम किया। फाइनल में उसने यूगोस्लाविया को मात दी। चौथा 1972 में बेल्जियम में खेला गया। इसमें पश्चिम जर्मनी ने सोवियत यूनियन को पछाड़ते हुए खिताब अपने नाम किया। पांचवां 1978 में यूगोस्लाविया में खेला गया, जिसमें चेकोस्लोवाकिया ने पश्चिम जर्मनी को पीटा। छठा 1980 में इटली में हुआ। इसमें पश्चिम जर्मनी ने बेल्जियम को फाइनल में मात दी। 1984 में सातवें टूर्नामेंट में फ्रांस ने खाता खोला। उसने अपनी ही धरती पर खेलते हुए स्पेन को खिताबी भिड़ंत में पटखनी दी। आठवां 1988 में पश्चिम जर्मनी में आयोजित हुआ, जिसमें नीदरलैंड्स ने सोवियत यूनियन को पीछे छोड़ा। नौवां स्वीडन में 1992 में खेला गया। इसमें डेनमार्क ने जर्मनी को पछाड़ा। इंग्लैंड में पहली बार आयोजन हुआ 1996 में। इस दसवें टूर्नामेंट में जर्मनी ने चेक गणराज्य को हराकर खिताब अपनी झोली में डाला। 11वां टूर्नामेंट 2000 में बेल्जियम-नीदरलैंड्स की मेजबानी में आयोजित हुआ। खिताबी मुकाबले में फ्रांस ने इटली को हराया। 12वां 2004 में पुर्तगाल में खेला गया। इसमें मेजबान को खिताबी मुकाबले में ग्रीस के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। इस तरह स्पेन, जर्मनी, रूस [पूर्व सोवियत यूनियन] और इटली इस महामुकाबले के महायोद्धा रहे हैं। इस बार भी इन चारों को प्रबल दावेदार कहा जा रहा है। इनके अलावा पुर्तगाल और डेनमार्क भी मजबूत टीमें हैं। पुर्तगाल को मुश्किल गु्रप मिला है, लेकिन उसके पास कप्तान व स्टार फॉरवर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गज हैं, जो कभी भी रुख पलट सकने का माद्दा रखते हैं। पुर्तगाल को डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड्स के साथ गु्रप-बी में रखा गया है। आठ जून से एक जुलाई तक चलने वाले यूरो कप में कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी। पहला मैच पोलैंड-ग्रीस के बीच खेला जाएगा। इसी दिन दूसरा मैच रूस-चेक के बीच होगा। टॉप-10 युवा सितारे, जिन पर होगी नजर: 1.जोर्डी अलबा [डिफेंडर, स्पेन] 2.क्रिस्टियन एरेक्सन [मिडफील्डर, डेनमार्क] 3.लुक डि जोंग [फॉरवर्ड, नीदरलैंड्स] 4.अलेन जागोएव [मिडफील्डर, रूस] 5.इलके गुंडोगेन [मिडफील्डर, जर्मनी] 6.फैबिओ बोरिनी [जर्मनी, इटली] 7.व्लादिमीर डारिडा [मिडफील्डर, चेक] 8.जेम्स मैकक्लेन [विंगर, आयरलैंड] 9.यान एमविला [मिडफील्डर, फ्रांस] 10.एलेक्स ओक्सलेड [विंगर, इंग्लैंड] महासंग्राम के महायोद्धा: स्पेन- गत चैंपियन स्पेन को इस साल भी खिताब का तगड़ा दावेदार माना जा रहा है। जर्मन कोच के मुताबिक भी मौजूदा विश्व चैंपियन ही इस बार खिताब जीतेगा। टीम में कई स्टार खिलाड़ी है। टूर्नामेंट की सभी टीमों में से स्पेनिश टीम सबसे ज्यादा मजबूत है। टीम के पास फर्नाडो टॉरेस, फर्नोडो लॉरेंटस, जुआन माटा, अल्वारो नोग्र्रो जैसे खिलाडियों के रुप में सबसे मजबूत आक्रमण है। इनके अलावा मिडफील्ड में एंद्रेस इनिएस्ता, सेस फाब्रेगास, डेविड सिल्वा,जावी अलोंसी, जावी हर्नोडेज जैसे दिग्गज शामिल हैं। इटली-2006 के विश्व विजेता इटली के लिए यूरो कप की राह आसान नहीं होगी। मैच फिक्सिंग विवाद और चोट के चलते कई खिलाड़ी टीम से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में सभी की नजरें स्ट्राकर मारियो बालोटेली पर होगी लेकिन मैदान पर उन्हें खुद पर संयम रखना होगा। रंगभेद के चलते कई बार वह विवादों में फंस चुके हैं। बालोटेली के अलावा एंटेनिया कसानो से भी इटली को बे