18 February 2019



खेलकूद
सट्टेबाजी को कानूनी करार दिया जाए
07-06-2012

नई दिल्ली। सेनानिवृत न्यायाधीश मुकुल मुद्गल और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी तथा सांसद कीर्ति आजाद ने खेल सट्टेबाजी को कानूनी हक देने की मांग की है। दोनों की दलील है कि इससे सरकार को कर के रूप में आय होगी, जिसका उपयोग विकास कार्यो के लिए किया जा सकेगा। 'रेगुलेटिंग स्पो‌र्ट्स बेटिंग इन इंडिया' नाम के कार्यक्रम में मुद्गल ने कहा कि खेलों में सट्टेबाजी को कानूनी हक देने से गैरकानूनी सट्टेबाजी से मुक्ति मिल सकेगी। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मुद्गल ने कहा, 'अगर देश में खेल सट्टेबाजी को कानूनी करार दिया जाएगा तो इससे सरकार को करीब 12,000 करोड़ रुपये की आमदनी होगी, जिसे खेलों के विकास में खर्च किया जा सकता है।' दूसरी ओर, आजाद ने कहा कि खेल सट्टेबाजी को कानूनी हक देना अच्छी बात है लेकिन उससे पहले खेल महासंघों और संघों को नियंत्रित किया जाना जरूरी है। 1983 में विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे आजाद ने कहा, 'खेल महासंघों और संघों को नियंत्रित करना जरूरी है। आज बीसीसीआई जैसी संस्था किस तरह विदेशी मुद्रा का हेरफेर कर रही है, यह किसी से छुपा नहीं है।'