16 February 2019



खेलकूद
गंभीर की कप्तानी करने की आकांक्षा और तेज
08-06-2012

नई दिल्ली। कोलकाता नाइटराइडर्स को आईपीएल का चैम्पियन बनाने के बाद कप्तान गौतम गंभीर की टीम इंडिया की कप्तानी करने की आकांक्षा और तेज हो गई है और उनका कहना है कि वह अपनी कप्तानी में टीम इंडिया का भाग्य बदल सकते हैं। गंभीर ने एक साक्षात्कार में कहा, मैं टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी करने के लिए तैयार हूं। एक युवा खिलाड़ी के रूप में भारत के लिए खेलना एक बड़ा सम्मान होता है और टीम का नेतृत्व करना उससे भी बड़ा सम्मान है। गंभीर के इस बयान से उनके कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के साथ मतभेद उबरकर सामने आ गए हैं।
कप्तान से अहम है टीम गंभीर ने कहा, हमने गत वर्ष विश्व कप जीतने के बाद इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में दो बड़ी सीरीज गंवाई थी और हम एक ऎसी स्थिति में पहुंच गए हैं जहां पर टीम को सामने लाना चाहिए और व्यक्ति विशेष को पीछे रखना चाहिए। टीम कप्तान से ज्यादा महत्वपूर्ण है। गंभीर ने अप्रत्यक्ष रूप से कहा, कप्तान को चुनने के समय निजी प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। यदि आप परिवर्तन लाना चाहते हैं तो व्यक्ति पूजा बंद करनी होगी। उन्होंने नाइटराइडर्स का उदाहरण देते हुए कहा कि इस टीम में भी व्यक्ति विशेष की पूजा करने की संस्कृति थी, लेकिन पिछले दो वर्षो में उन्होंने इसे बदल डाला। धोनी पर साधा निशाना उन्होंने कप्तान धोनी को भी सलाह दे डाली कि वह खिलाडियों की क्षमताओं पर टिप्पणी करना बंद कर दें और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। धोनी की आस्ट्रेलिया दौरे में सीनियर्स पर धीमे फील्डर होने की टिप्पणी के बारे में गंभीर ने कहा, चाहे मैं रहू या सहवाग या कोई अन्य। धोनी को यह देखना है कि वे अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन करें न कि यह टिप्पणी कि हम धीमे फील्डर हैं। यह बेहद निजी टिप्पणी हो जाती है।मतभेद की अटकलें सहीं गंभीर के बार-बार कप्तान बनने की ख्वाहिश जाहिर करने के बाद से कप्तान धोनी और उनके बीच मतभेद की खबरों को बल मिला है। हाल में कश्मीर दौरे के दौरान कप्तान धोनी ने कहा था कि टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर वह खुद को पहली पसंद मानते हैं। उल्लेखनीय है कि आस्ट्रेलिया दौरे के दौरान वीरेन्द्र सहवाग, गंभीर और धोनी के बीच मतभेद की खबरें सामने आई थीं, हालांकि बाद में बोर्ड व खिलाडियों ने इसका खंडन किया था।