19 February 2019



खेलकूद
नीदरलैंड्स के लिए करो या मरो का मैच
13-06-2012

खारकीव। शुरुआती मुकाबले में डेनमार्क के हाथों हार झेलने वाले नीदरलैंड्स का सामना बुधवार को जर्मनी से होगा। पूर्व चैंपियन नीदरलैंड्स के लिए यह करो या मरो का मैच होगा। जबकि पहले मैच में पुर्तगाल को रौंदने वाली जर्मनी की नजरें यहां जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह पक्की करने पर होंगी। एक और हार नीदरलैंड्स के लिए नॉक आउट दौर के दरवाजे बंद कर सकती है। यूरोपियन चैंपियनशिप में यह पांचवां मौका है, जब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। कोच बर्ट वेन मारविक की अगुआई में नीदरलैंड्स की कोशिश पिछले मैच में मिली अप्रत्याशित हार से उबर कर अच्छे प्रदर्शन पर होगी। डच कप्तान मार्क वेन बोमेल भी जानते हैं कि जर्मनी के खिलाफ उनकी टीम की राह आसान नहीं होगी। मैच से पहले कप्तान ने कहा कि सिर्फ जीत ही हमें अगले दौर में पहुंचा सकती है। इसके अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। डेनमार्क के खिलाफ नहीं खेलने वाले मिडफील्डर जोरिस माथिसेन को इस मैच में उतारा जा सकता है। अगर माथिसेन खेलते हैं तो रॉन व्लार को आराम दिया जाएगा। टीम का आक्रमण अर्जेन रॉबेन और रॉबिन वेन पर्सी पर निर्भर करेगा। पिछले मैच में भी इन दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाया था, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। वहीं पिछले मैच में क्लास जान हंटेलार को भी बाहर बिठाना नीदरलैंड्स को भारी पड़ा था। डेनमार्क के खिलाफ कुछ खास नहीं कर सके इब्राहिम एफले को बाहर बिठाया जा सकता है। दूसरी ओर पुर्तगाल के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद जर्मन टीम के इरादे काफी बुलंद हैं। कोच जोकिम लोयू यह जानते हैं कि नीदरलैंड्स के खिलाफ उनकी टीम को खेल के हर विभाग में बेहतर खेलना होगा। लोयू ने कहा कि नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबला अलग होगा। हमें पता है कि यहां गलती हमें भारी पड़ सकती है। नीदरलैंड्स के खिलाफ जर्मन टीम संयोजन में कुछ अहम बदलाव किए जा सकते हैं। फॉरवर्ड मारियो गोमेज और डिफेंडर मेट्स हमल्स की जगह अनुभवी मिरोस्लाव क्लोस और पर मर्टेस्कर को उतारा जा सकता है।