16 February 2019



खेलकूद
रणजी ट्राफी में भारी बदलाव की सिफारिश
13-06-2012

मुंबई। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के नेतृत्व वाली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की तकनीकी समिति ने मंगलवार को रणजी ट्राफी में भारी बदलाव की सिफारिश की है। हालाकि, इन सिफारिशों को लागू करने के लिए बोर्ड की कार्यकारिणी की मंजूरी की जरूरत होगी। सिफारिशें लागू होने के बाद रणजी क्रिकेट में काफी तब्दीली आ जाएगी। तकनीकी समिति ने घरेलू वनडे मैचों में एक ओवर में दो बाउंसर फेंके जाने और उछाल भरी पिचों को बनाए जाने की भी वकालत की है। बैठक में तय सिफारिशों के मुताबिक, नए फॉर्मेट में रणजी ट्राफी टूर्नामेंट के लिए 27 टीमों को तीन ग्रुप-ए, बी और सी में बाटा जाएगा। हर टीम लीग राउंड में आठ मैच खेलेगी। पिछले फॉर्मेट में टीमों को इलीट और प्लेट डिवीजन में बांटा गया था। इलीट डिवीजन में ए ग्रुप में आठ और बी ग्रुप में सात टीमें होती थीं। प्लेट डिवीजन भी दो ग्रुप में विभाजित था, जिसमें प्रत्येक ग्रुप में छह टीमें थीं। गांगुली ने कहा, 'हमने दो प्रमुख बदलाव की सिफारिश की है। नए फॉर्मेट में प्रमोशन और रेलीगेशन का प्रावधान होगा। ये बदलाव प्रतिस्पद्र्धा को संतुलित करेगे। साथ ही साथ हर टीम को कुछ अधिक मैच खेलने को मिलेंगे।' अब बीसीसीआइ की कार्यकारिणी इन सिफारिशों का अध्ययन करेगी और यह तय करेगी कि इन्हें लागू करना है या नहीं। कैसा होगा नया प्रारूप: नए प्रारूप के मुताबिक ग्रुप-ए और बी से शीर्ष तीन-तीन टीमें तथा ग्रुप-सी से दो टीमें क्वार्टर फाइनल दौर के लिए क्वालीफाई करेगी। समिति ने क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल को पांच दिवसीय रखने का प्रस्ताव दिया है। नॉटआउट दौर में अगर मैच का परिणाम पांच दिनों में नहीं निकलता है, तो उसे छठे दिन तक खींचा जाएगा। छठे दिन भी पहली पारी के आधार पर कोई फैसला नहीं निकलता है तो सिक्का उछालकर फैसला किया जाएगा। अंकों का गणित: समिति ने रणजी ट्राफी में दूसरी अहम सिफारिश अंक प्रणाली में बदलाव को लेकर की है। गांगुली ने कहा, 'जीत की सूरत में टीम को छह अंक मिलेंगे। अगर मैच अनिर्णीत रहता है तो दोनोंटीमों को तीन-तीन अंक मिलेंगे।' पहले मैच अनिर्णीत रहने पर जिस टीम ने पहली पारी में बढ़त ली होती थी उसे तीन अंक मिलते थे और दूसरी टीम को एक अंक मिलता था। पारी या फिर दस विकेट से जीत की स्थिंति में टीमों को एक बोनस अंक भी मिलेगा। कुछ और सुझाव: वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्राफी के विजेता को एनके साल्वे चैलेंजर सीरीज में तीसरी टीम के तौर पर शामिल करने का भी सुझाव दिया गया है। पिछले सीजन तक एनकेपी साल्वे चैलेंजर सीरीज तीन टीमों इंडिया रेड, इंडिया ब्लू और इंडिया ग्रीन के बीच खेली जाती थी, जिनका चयन राष्ट्रीय चयनकर्ता करते थे। समिति ने बोर्ड से घास और उछाल वाली पिचें तैयार कराने के लिए भी कहा है। इससे खिलाड़ियों को विदेश दौरे पर मदद मिल सकेगी। एक ओवर में दो बाउंसर की सिफारिश अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद [आइसीसी] से प्रेरणा लेते हुए बीसीसीआइ की तकनीकी समिति ने घरेलू वनडे मैचों में प्रत्येक ओवर में बाउंसर की संख्या एक से बढ़ाकर दो करने की स्वीकृति देने की सिफारिश की। साथ ही सलाह दी कि वनडे मैचों में गेंदबाज को ज्यादा से ज्यादा 12 ओवर फेंकने की स्वीकृति मिलनी चाहिए। हालाकि समिति ने पावर प्ले रहित ओवरों में 30 गज के घेरे से बाहर फील्डरों की संख्या के मौजूदा नियम में किसी बदलाव की सिफारिश नहीं की। इससे पहले आइसीसी की क्रिकेट समिति ने वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान बाउंसर की संख्या एक से बढ़ाकर दो करने की सिफारिश की थी।