18 February 2019



खेलकूद
पीटी ऊषा पिंकी के समर्थन में
16-06-2012

कोलकाता। एशियाई खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता पिंकी प्रमाणिक को शुक्रवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्हें रेप के आरोपों में अरेस्ट किया गया था। वहीं उड़नपरी के नाम से मशहूर पूर्व एथलीट पीटी ऊषा पिंकी के समर्थन में आ गई हैं। पिंकी को सब डिवीजनल जुडिशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया जिसके बाद कोर्ट ने चीफ मेडिकल हेल्थ आफिसर को पिंकी का जेंडर वेरिफाई करने का निर्देश दिया। सीएमएचओ के डाक्टर सुकात सिल ने बताया कि वह इस निर्देश का इंतजार कर रहे थे और अब वह पिंकी का जेंडर वेरिफाई करने वाला टेस्ट करेंगे। इससे पहले गुरुवार को एक प्राइवेट नर्सिंग होम में पिंकी का जेंडर चेक हुआ था जिससे पता चला था कि वह मर्द हैं। दूसरी ओर उड़नपरी ऊषा का कहना है कि पिंकी के खिलाफ किसी कार्रवाई से पहले एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया [एएफआई] को नियमों का पालन करना चाहिए। ऊषा ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से पहले और तुरंत बाद जरूरी टेस्ट लेने की जिम्मेदारी इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ एथलेटिक्स फेडरेशन [आईएएएफ] की होती है। इसलिए एएफआई को सबसे पहले यह पता करना चाहिए पिंकी के मामले में सभी जरूरी टेस्ट हुए थे या नहीं और उनमें पिंकी पास हुई थी या नहीं। उत्तर 24 परगना में रहने वाली एक महिला ने पिंकी के खिलाफ बागुइहाटी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। एक महिला ने पिंकी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जिसमें कहा गया है कि पिंकी पुरुष है। उसने महिला से शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में मुकर गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आनुवाशिक कारणों के चलते किसी शख्स की भी दोहरी सेक्सुअल पहचान हो सकती है। 2006 में एशियन गेम्स में मेडल जीत चुकी शाति सुंदराजन पिंकी की खबर सुनकर दंग रह गईं। शाति भी जेंडर टेस्ट में नाकाम रहीं थीं और उनसे उनके मेडल वापस ले लिए गए थे। एएफआई सचिव सीके वाल्सन ने कहा कि यह अजीब स्थिति है। हमें पिंकी के आधिकारिक मेडिकल टेस्ट के नतीजों का इंतजार है। वाल्सन ने यह भी कहा कि वे इस बात को यकीन से नहीं कह सकते हैं कि अगर पिंकी टेस्ट में फेल हुई तो उसके मेडल छीन लिए जाएंगे। पिंकी ने करीब तीन साल पहले एथलेक्टिस से संन्यास लिया था।