19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
तालिबान ने की भारत की तारीफ
18-06-2012

अफगान हितों की रक्षा के लिए अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकने पर तालिबान ने भारत की तारीफ की है। अफगान तालिबान पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का बेहद करीबी माना जाता है। वह अफगानिस्तान में भारत के हितों पर बराबर निशाना भी साधता रहा है। तालिबान के रुख में आए इस परिवर्तन को बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है। तालिबान ने बयान में आगे कहा है, इस बात में कोई संदेह नहीं है कि भारत अफगानियों की इच्छाओं, उनके विश्वास और आजादी की चाहत से वाकिफ है। यह बिलकुल फिजूल बात होगी कि भारत अमेरिकी खुशी के लिए खुद को मुश्किल में डाले। हाल में अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा की दिल्ली यात्रा के दौरान उन्हें काबुल खाली हाथ भेजने के लिएभारत की तारीफ की गई है।तालिबान ने कहा है कि पनेटा अपने दिल्ली प्रवास के दौरान भारत को इस बात के लिए राजी करने की कोशिश करते रहे कि वह अफगानिस्तान में अधिक सक्रिय हो क्योंकि 2014 तक ज्यादातर विदेशी सैनिक वहां से चले जाएंगे। पनेटा बार-बार यह कोशिश करते रहे कि वह अपने सिर का बोझ भारत के सिर पर डाल दें, ताकि अमेरिकी सुरक्षित अफगानिस्तान से बाहर निकल सकें। लेकिन वे भारत को इस बात के लिए राजी नहीं कर सके। सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने अमेरिका की मांग को कोई तवज्जो नहीं दिया।तालिबान ने अपने बयान में कहा, भारतीय अवाम और उसकी सरकार अफगानिस्तान में युद्ध को उचित नहीं मानते हैं। वे अफगान राष्ट्र और उसकी मांगों से वाकिफ हैं। अफगानिस्तान में गृहयुद्ध के समय भारत ने तालिबान के खिलाफ नाटो का समर्थन किया था, लेकिन 1996 में अफगान सत्ता पर इस आतंकी धड़े के काबिज होने के साथ ही भारत ने खुद को अलग कर लिया। भारत अफगानिस्तान में विकास कार्यो पर बड़े पैमाने पर आर्थिक योगदान दे रहा है। भारत की मदद से वहां दो अरब डॉलर की विकास परियोजनाएं चल रही हैं। इसके साथ ही तालिबान ने चेतावनी दी है कि वह अफगान सरजमीं से किसी को हानि पहुंचाने की इजाजत नहीं देगा।