18 February 2019



खेलकूद
साइना ने किया करिश्मा ,जीती सीरीज
18-06-2012

जकार्ता। विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त और भारत की सर्वोच्च वरीय साइना नेहवाल ने लंदन ओलंपिक की अपनी तैयारियों को मूर्त रूप देते हुए इंडोनेशिया ओपेन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। साइना ने बीते चार साल में तीसरी बार इस टूर्नामेंट पर कब्जा किया है। यही नहीं, उन्होंने इस साल अपना तीसरा खिताब जीता है।रविवार को महिलाओं के सिंगल्स फाइनल में साइना ने विश्व की तींसरी वरीयता प्राप्त चीन की ली जुरेई को तीन गेम तक चले मुकाबले में 13-21, 22-20, 21-19 से पराजित किया। जुरेई मौजूदा ऑल इंग्लैंड और एशियाई चैंपियन हैं। इस मुकाबले को जीतने के लिए भारतीय खिलाड़ी को एक घंटे, चार मिनट तक कोर्ट पर पसीना बहाना पड़ा। साइना को हालाकि चीन की अपनी उस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जूझना पड़ा, जिनकेखिलाफ पिछले पाचों में उन्होंने सिर्फ एक जीत दर्ज की थी और वह भी 2010 में। साइना की शुरुआत धीमी रही और उन्होंने लगातार चार अंक गंवा दिए। दोनों खिलाड़ियों ने दमदार स्मैश जमाए, जबकि बेसलाइन रैली में भी दोनों का खेल लगभग बराबरी का रहा। ली ने पहले सेट में नेट पर अपने शानदार खेल से साइना को घुटने टेकने को मजबूर कर दिया। ली ने जल्द ही 11-6 की बढ़त बनाई और फिर आसानी से गेम अपने नाम करते हुए 1-0 की बढ़त बना ली। चीनी खिलाड़ी ने 15 मिनट में पहला गेम अपने नाम किया और इस दौरान साइना के आठ स्मैश विनर के मुकाबले 15 स्मैश विनर लगाए। इसके बाद साइना ने जबर्दस्त वापसी करते हुए दूसरा और तीसरा गेम जीतकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। खेल के नजरिए से दोनों खिलाड़ियों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं था। लेकिन ली के कुछ निर्णय ऐसे रहे जो निर्णायक साबित हुए। साइना ने अपनी दिग्गज प्रतिद्वंद्वी को वापसी करने की मोहलत नहीं दी। पिछले वर्ष साइना को यहां उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। वर्ष 2011 के फाइनल में उन्हें चीन की यिहांग वांग ने हराया था। इससे पहले, वर्ष 2009 और 2010 में साइना ने इस टूर्नामेंट को जीता था। भारतीय खिलाड़ी ने मार्च में स्विस ओपेन, जबकि पिछले रविवार को थाइलैंड ओपेन टूर्नामेंट अपने नाम किया था। लंदन ओलंपिक में साइना भारत की ओर से पदक की दावेदारों में से एक है। ऐसे समय में उनका बेहतरीन फॉर्म में होना भारतीय नजरिए से अच्छा है।भारतीय कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, 'साइना के लिए यह जीत बहुत अच्छे मौके पर आई है। मुकाबले काफी संघर्षपूर्ण रहे लेकिन वह अंतत: खिताब जीतने में सफल रही।' उन्होंने कहा कि लगातार दो खिताब जीतने से लंदन ओलंपिक में साइना का मनोबल काफी बढ़ा हुआ होगा।इस जीत से साइना को 48,750 डॉलर पुरस्कार के तौर पर मिले। जुरेई को 24 हजार डॉलर से संतोष करना पड़ा।साइना की उपलब्धियां :वर्ष 2011 से अब तक का प्रदर्शन - थाइलैंड ओपेन : विजेता- स्विस ओपेन ग्रां प्रि : विजेता- मलेशियाई ओपेन ग्रां प्रि : उपविजेता- इंडोनेशियाई ओपेन सुपर सीरीज : उपविजेता- बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप : क्वार्टर फाइनलिस्ट- बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज मास्टर्स फाइनल्स : उपविजेता- स्विस ओपेन ग्रां प्रि : विजेता- थाइलैंड ओपेन ग्रां प्रि : विजेता।