19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
भारत के लिए बुरी खबर है एसएंडपी रेटिंग
21-06-2012

वाशिंगटन। भारत में अमेरिकी राजदूत नैंसी पावेल का कहना है कि स्टैंडर्ड एंड पुअर्स एसएंडपी की रेटिंग भारत के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। नैंसी ने एशिया सोसाइटी के साथ साक्षात्कार के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि एसएंडपी द्वारा भारत में निवेश के दर्जे में कमी करना आठ नौ प्रतिशत की दर से विकास करने की नई दिल्ली की उम्मीदों के लिए एक झटका होगा। कई ऐसे संकेतक हैं, जो पहले की तुलना में बेहद खराब हैं। उन्होंने कहा कि इसमें भारत की संभावनाओं या बदलावों पर कोई विचार नहीं किया गया है। भारत अतिरिक्त उदारीकरण, निवेश की संभावनाओं और बेहतर मानसून के जरिए विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की उम्मीद लगाए है। लेकिन एसएंडपी ने रेटिंग निर्धारण करते समय इन बातों का खयाल नहीं रखा है।अफगानिस्तान में है भारत का निजी हित: नैंसी पावेलअफगानिस्तान में भारत की और भूमिका बढ़ाए जाने के बारे में पूछे जाने पर नैंसी ने कहा कि वह पहले से ही युद्धग्रस्त देश में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हाल में अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने भी इसकी ओर इशारा किया था। नैंसी ने कहा कि अफगानिस्तान में भारत का निजी हित भी है। वह वहां अवसरों की संभावनाओं की तलाश में है। वह खनन और व्यावसायिक उद्यमों में निवेश कर रहा है। नैंसी ने कहा, हम उन्हें ऐसा करने के लिए लगातार प्रोत्साहित भी करते रहेंगे। चीन के क्षेत्रीय मुकाबले के लिए भारत-अमेरिकी धुरी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह किसी एक देश के खिलाफ नहीं है। यह पूरे क्षेत्र के खुशहाली, स्थिरता और लोकतंत्र में अधिक भागीदारी के लिए है। इसे किसी एक देश के खिलाफ नहीं समझा जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान में निवेश के अन्य मौकों पर विचार करने के लिए भारत 28 जून को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का एक सम्मेलन आयोजित कर रहा है।