19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
नाइजीरिया में जातीय हिंसा
22-06-2012

अबुजा। नाइजीरिया के दो शहरों दमतुरू और कादुना में छिड़ी जातीय हिंसा में तीन दिनों में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं। इससे पहले रविवार को चार गिरजाघरों पर आत्मघाती हमले किए गए थे। माना जा रहा है कि गिरजाघरों पर यह हमला इस्लामी कट्टरपंथी संगठन बोको हराम ने कराए हैं। इसके बाद से ही कादुना शहर में ईसाइयों ने मस्जिदों पर हमला करना शुरू कर दिया था। साथ ही मुसलमानों को भी निशाना बनाकर हमले किए गए।कादुना और दमतुरू में हिंसा जारीवहीं, नाइजीरिया के उत्तरी राज्य योबे के दमतुरू शहर में सैनिकों और उग्रवादियों के बीच गोलीबारी में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में छह से अधिक सुरक्षाकर्मी भी हैं। राज्य पुलिस के प्रवक्ता पैट्रिक एजबनाइवे ने बताया कि मरने वालों में से 34 बोको हराम के सदस्य हैं। उधर, खबर है कि दमतुरू के सैनी अबाचा अस्पताल में आठ पुलिसकर्मियों सहित तीन सैनिकों के शव भी लाए गए हैं। योबे और कादुना प्रशासन ने जातीय हिंसा को रोकने के लिए फिर से 24 घंटे का कफ्यरू लगा दिया है। कफ्यरू की स्थिति में लोगों को खाद्यान्न के अलावा पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। कादुना में आत्मघाती हमले के बाद 61 से अधिक लोग मारे गए हैं जबकि कई घायल हुए हैं। शरीयत कानून चाहता है बोको हरामइस्लामी कट्टरपंथी गुट बोको हराम अफ्रीका के इस सबसे बड़े तेल उत्पादक क्षेत्र में इस्लामी सरकार बनाने की साजिश रच रहा है। उसने शरीयत कानून लागू कराने के लिए ही युद्ध छेड़ रखा है। नाइजीरिया में बोको हराम की हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। उत्तरी शहर कानो में 20 जनवरी को कई बम हमलों और गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम185 लोग मारे गए थे। अबुजा स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में पिछले साल बोको हराम के आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। करीब 15 करोड़ की आबादी वाले नाइजीरिया में मुस्लिम और ईसाई दोनों समुदाय के लोग रहते हैं। उत्तरी क्षेत्र में मुसलमानों की आबादी अधिक है तो वहीं दक्षिणी क्षेत्रों में मुख्य रूप से ईसाई बसे हैं।जल्द सामान्य होंगे हालात: प्रशासनइस बीच, डिफेन्स स्टाफ एयर मार्शल ओलुसी पेतुरिन सहित देश के सर्वोच्च रक्षा प्रमुख हिंसाग्रस्त इलाकों के दौरे पर हैं। उन्होंने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि हालात पर शीघ्र ही काबू पा लिया जाएगा। माइदुगुरी शहर में उग्रवादियों के ठिकाने हैं। इस शहर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना की एक प्रभारी यूनिट संयुक्त कार्य बलतैनात कर दी गई है। सेना ने इस इलाके में नागरिकों को बोको हराम के हमले की चेतावनी दी है।