19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
धनी देश पर्यावरण के नुकसान के लिए जिम्मेदार
22-06-2012

रियो डी जेनेरियो। पृथ्वी शिखर सम्मेलन के समापन से एक दिन पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विकासशील देशों की आकांक्षाओं को स्पष्ट रूप से सामने रखते हुए कहा कि अतीत में धनी देशों द्वारा किए गए पर्यावरण नुकसान का बोझा विकासशील देशों पर समान रूप से हीं लादा जा सकता। सम्मेलन में उभरते और गरीब देशों की हरित प्रौद्योगिकियों और कार्यक्रमों को धन उपलब्ध कराने के विकसित देशों के प्रस्तावों के तौर-तरीकों पर किसी अर्थपूर्ण समाधान के अभाव व अस्पष्टता को लेकर खेद व्यक्त किया गया। धनी देशों के दो मुख्य नेताओं- अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल- की अनुपस्थिति भी स्पष्ट रही। दोनों नेताओं ने इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के लिए यहां जमा हुए कोई 90 नेताओं के साथ हिस्सा नहीं लिया।फिर भी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए आमतौर पर और भारत के लिए खासतौर पर शिखर सम्मेलन से तीन खास बातें निकलीं हैं, जो कई तरीकों से यह सुनिश्चित कराती है कि उनपर हरित, स्थिर विकास करने के लिए अधिक कीमत चुकाने का बोझा नहीं लादा जाएगा।पहली बात यह कि चूंकि धनी देश पृथ्वी को प्रदूषित करके विकसित हुए हैं, लिहाजा उभरते विश्व को भविष्य में हरित विकास और आजीविका के मुद्दे पर पूरी लागत वहन करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। दूसरी बात यह कि इस शिखर सम्मेलन से स्थिर विकास के लक्ष्यों की प्रक्रिया शुरू हुई है। यह प्रक्रिया, प्रथम पृथ्वी शिखर सम्मेलन में पर्यावरणीय चिंताओं से निपटने में राष्ट्रीय स्थितियों, प्राथमिकताओं और क्षमताओं का सम्मान किए जाने के सिद्धांत को स्वीकृति दिए जाने के की ठीक 20 वर्ष बाद शुरू हुई है। तीसरी बात, सभी घटकों पर खास लक्ष्यों को न थोपना और इस प्रक्रिया को अंतरसरकारी रायशुमारी पर छोड़ देना है, जो विकासशील और विकसित देशों को न्यायोचित और स्वीकार्य समाधान निकालने का समान रूप से अधिकार देगी। मनमोहन सिंह ने कहा कि वैश्रि्वक स्तर पर इस समस्या के प्रति हमारा दृष्टिकोण इस बोझ के न्यायोचित बंटवारे पर आधारित होना चाहिए। क्योंकि प्रथम रियो शिखर सम्मेलन ने समता के सिद्धांत को स्थापित जरूर किया था, लेकिन सबकी जिम्मेदारियों में भिन्नता रखी गई थी। प्रधानमंत्री मैक्सिको के लॉस कैबोस में जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेकर बुधवार को यहां पहुंचे थे, और वह शुक्रवार सुबह प्रीटोरिया के रास्ते नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वह शनिवार देर शाम नई दिल्ली पहुंचने वाले है।