19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाक ने मारी पलटी
27-06-2012

इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने सरबजीत की रिहाई से पलटी मार ली है। यह खबर पीटीआई के हवाले से आई है। पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने देर रात कहा कि रिहाई सरबजीत सिंह की नहीं बल्कि सुरजीत सिंह की होनी है जो पिछले तीन दशक से पाकिस्तान के जेल में बंद है।सुरजीत सिंह को 1982 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर मुकदमा चला और उन्हें मौत की सजा सुनाई गई। 1989 में सुरजीत सिंह को उस वक्त की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सलाह पर राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान ने माफी दी थी। सितंबर 2004 में जेल में 25 बिता लेने के बाद भी सुरजीत सिंह को रिहा नहीं किया गया। पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता बाबर ने साफ किया कि सुरजीत सिंह ने उम्रकैद की सजा पूरी कर ली है और उन्हें रिहा किया जाएगा। इससे पहले आई खबरों में कहा गया था कि राष्ट्रपति जरदारी ने आदेश दिया है कि अगर सरबजीत ने अपनी सजा पूरी कर ली है, तो उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। ऐसा माना जा रहा था कि डॉक्टर खलील चिश्ती की रिहाई के बदले सरबजीत की रिहाई मुमकिन हो पाई।गौरतलब है कि पाकिस्तान में सरबजीत सिंह पर आरोप लगा था कि पाकिस्तान के कसूर इलाके में हुए एक बम विस्फोट में उनका हाथ था। बम विस्फोट में 14 लोग मारे गए थे। उन्हें 1991 में मौत की सज़ा सुनाई गई थी। सरबजीत सिंह के परिवार वाले उन्हें बेकसूर बताते रहे हैं और कहते रहे हैं कि वे गलती से पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने जरदारी की भारत की यात्रा के दौरान सरबजीत सिंह का मुद्दा उठाया था और उन्हें रिहा करने की मांग की थी। कुछ दिनों पहले भारत ने कई सालों से बंद पाकिस्तानी नागरिक डॉ. खलील चिश्ती को पाकिस्तान जाने की इजाजत दी थी।