19 February 2019



खेलकूद
लंदन ओलंपिक आतंकियों के निशाने पर
27-06-2012

लंदन। लंदन में 27 जुलाई से 12 अगस्त तक होने वाला खेलों का महाकुंभ आतंकियों के निशाने पर है। चेतावनी जारी करते हुए ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआइ-5 के प्रमुख जोनाथन एवांस ने बताया कि ओलंपिक खेलों को हमारे दुश्मनों से खतरा है। पर इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं। एवांस के अनुसार, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अपने सुरक्षित पनाहगाह बनाए रखने के बाद अलकायदा फिर से अरब देशों में अपना प्रभुत्व बढ़ा रहा है और ब्रिटिश जिहादी चरमपंथ से जुड़ी ट्रेनिंग लेने के लिए वहां का रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है और भविष्य में स्थितियां और भी खराब हो सकती हैं। इनमें से कुछ जिहादी ब्रिटेन वापस आ सकते हैं और यहां के लिए खतरा बन सकते हैं। समझा जा रहा है कि एमआइ-5 सौ से अधिक ऐसे लोगों पर नजर रख रही है, जो यमन, मिस्त्र, सीरिया और लीबिया के चरमपंथियों से संपर्क करने की कोशिश कर चुके हैं। साल 2010 के बाद से यह पहली बार है कि जबएमआइ प्रमुख ने सार्वजनिक रूप से भाषण दिया है। जोनाथन ने कहा कि अगले महीने से शुरू होने वाले ओलंपिक खेलों को हमारे दुश्मनों से खतरा है। इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उनके अनुसार 9/11 के बाद ब्रिटेन लगभग हर वर्ष आतंकियों गतिविधियों का अड्डा रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि ओलंपिक में हमले की संभावना काफी कम है, बावजूद हम इसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। उन्होंने बताया, वर्तमान में ओलंपिक खेल हमारे दुश्मनों के लिए एक आसान निशाना हैं, लेकिन यह इतना आसान भी नहीं है। वास्तव में हमने हाल के वर्षो में कई आतंकी हमलों को नाकाम किया है, इसलिए ब्रिटेन आतंकवाद के लिए एक आसान लक्ष्य नहीं हो सकता है। एवांस ने कहा, 'आप कह सकते हैं कि हम उन्हें रोकने के करीब हैं। हालांकि वे खुद को नहीं रोकना चाह रहे, लेकिन हम उन्हें बेहतर तरीके से रोकने में सफल रहेंगे।' उन्होंने कहा, 'अरब क्रांति के बाद अलकायदा अपना वर्चस्व उन क्षेत्रों में बढ़ा रहा है, जहां क्रांति के समय उसे जनता का समर्थन हासिल हुआ था। वर्ष 1990 में अरब देशों के दबाव के कारण अलकायदा अफगानिस्तान स्थानांतरित हो गया था। वहां तालिबान का शासन खत्म होने के बाद उसने पाकिस्तान में अपने पांव जमाए और अब यह फिर से अरब में अपना प्रभुत्व बढ़ाना चाहता है।' जोनाथन ने बताया कि पूर्व में आतंकवाद से जुड़ी 75 फीसद घटनाओं का संबंध पाकिस्तान या अफगानिस्तान से होता था, लेकिन अब ऐसे किस्से 50 फीसद कम हो गए हैं। एमआइ-5 प्रमुख ने भारत समेत अन्य देशों में इजरायली ठिकानों को निशाना बनाए जाने के संदर्भ में ईरान पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'ईरान या हिजबुल्ला जैसे उसके सहयोगियों के समर्थन से होने वाले आतंकी हमले से इन्कार नहीं किया जा सकता है।'