19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सीरिया में परिवर्तनकारी सरकार बनाने का प्रस्ताव
29-06-2012

संयुक्तराष्ट्र/इस्तांबुल/मॉस्को। सीरिया में शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय दूत कोफी अन्नान ने वहां जारी हिंसा खत्म करने के लिए परिवर्तनकारी सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया है। इस सरकार में राष्ट्रपति बशर अल असद के समर्थकों और विपक्षी सदस्यों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि सीरिया के विद्रोहियों और असद के प्रमुख सहयोगी रूस ने योजना को खारिज कर दिया है।अन्नान ने शनिवार को जिनेवा में कई प्रमुख देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक बुलाई गई है जिसमें इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। संयुक्त राष्ट्र के एक राजनयिक के अनुसार, अन्नान के प्रस्ताव में कहा गया है कि अंतरिम सरकार में असद सरकार और विपक्षी समूहों के सदस्य होने चाहिए लेकिन अधिकारियों को इसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए। जिनेवा में होने वाली बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी स्थायी सदस्यों के साथ-साथ यूरोपीय संघ, तुर्की, कतर, कुवैत और इराक के विदेश मंत्री शामिल होंगे।प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए सीरिया में विपक्ष के प्रतिनिधि संगठनसीरियाई नेशनल काउंसिलने कहा है कि वह अंतरिम सरकार में तभी शामिल होगी जब असद हट जाएंगे। उधर, रूस ने कहा है कि वह सीरिया में राजनैतिक बदलाव का तो समर्थन करता है लेकिन कोई भी बदलाव बाहर से थोपा नहीं जाना चाहिए। विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया कि विश्व शक्तियों के सीरिया को लेकर साझा रणनीति पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि रूस विदेश से थोपे जाने वाले किसी भी समाधान के खिलाफ है और देश में कोई बदलाव अंदरूनी होना चाहिए। रूस ने शनिवार को होने वाली बैठक से ईरान को बाहर रखने की भी आलोचना की है।हिंसा में 21 मरे सीरिया में गुरुवार को हुई हिंसा में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 11 आम नागरिक थे। इससे पहले बुधवार को हुई भारी हिंसा में 150 लोग मारे गए थे। यह सीरियाई संघर्ष का अब तक के सबसे खूनीदिनों में से एक था। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि दमिश्क के उपनगरीय दाउमा में एक विद्रोही सहित सात लोग उस वक्त मारे गए जब सैनिकों ने शहर को घेर लिया। इसका विद्रोही लड़ाकों ने जबर्दस्त प्रतिरोध किया। इसके अलावा इरबिन शहर में चार, दीर एज्जोर में दो, होम्स में तीन और इदलिब-हराक में एक-एक व्यक्ति मारा गया।तुर्की ने सीमा पर तैनात किए विमान-रोधी तोपअंकारा। तुर्की ने सीरिया के साथ चल रहे गतिरोध के बीच सीमा पर विमान-रोधी तोप और अन्य हथियारों की तैनाती की है। इसका उद्देश्य सीरिया से लगी सीमा पर एक सुरक्षा कॉरिडोरतैयार करना है। सीरियाई बलों के तुर्की के एक सैन्य विमान को मार गिराए जाने के करीब एक सप्ताह बाद यह कदम उठाया गया है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। विमान गिराने की घटना के बाद तुर्की के प्रधानमंत्री ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी और कहा था कि सीरिया-तुर्की सीमा पर उसके सुरक्षा रुख में अहम बदलाव आएगा। टीवी चैनलों और तस्वीरों में सैन्य ट्रकों और विमान रोधी तोपों के एक काफिले को यायलादगी सीमावर्ती शहर के निकट सैन्य अड्डे में प्रवेश करते दिखाया गया। मीडिया रिपोर्टो के मुताबिक, कई विमान रोधी तोपों को भी सीमा के पास अन्य स्थानों पर तैनात किया गया है। तुर्की ने सीरिया को चेतावनी दी है कि वह देश की अशांत सीमा से अपने सैनिकों को दूर रखे या सशस्त्र जवाब का जोखिम उठाने को तैयार रहे। इस बीच एक सीरियाई मंत्री ने कहा है कि उनके सुरक्षा बलों ने तुर्की के विमान को इजरायली समझ कर मार गिराया होगा। तुर्की के एक समाचार चैनल को साक्षात्कार में सीरियाई सूचना मंत्री उमरान अल-जोएबी ने बुधवार को कहा कि उनका देश तुर्की और सीरिया के बीच संकट नहीं चाहता।अल जोएबी ने कहा कि तुर्की और इजरायली लड़ाकू विमानों में से ज्यादातर अमेरिका निर्मित हैं। इसकी वजह से सीरियाई बलों ने उसे गलती से इजरायली विमान समझ लिया होगा।