24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
भारत ,तालिबान या अलकायदा से भी बड़ा खतरा
29-06-2012

वाशिंगटन|पाकिस्तान के 10 में से केवल पांच नागरिक ही भारत को अपने लिए फायदेमंद मानते हैं, वहीं छह पाकिस्तानी उसे अपने देश के लिए तालिबान या अलकायदा से भी बड़ा खतरा मानते हैं। यहां एक सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है। प्यू रिसर्च सेंटर के ग्लोबल एटीट्यूड्स प्रोजेक्ट के पाकिस्तान के इस सर्वेक्षण से पता चला है कि भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वाले पाकिस्तानियों की संख्या बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है। पिछले साल यह संख्या केवल 14 प्रतिशत ही थी।इसमें यह पता भी चला है कि साल 2009 में जब पहली बार पाकिस्तानियों से उनके सबसे बड़े खतरे का प्रश्न पूछा गया था, तब से वे इसके लिए लगातार भारत का नाम लेते रहे हैं। तब से भारत से डरने वालों की संख्या 11 बिंदु बढ़कर 59 प्रतिशत हो गई है। दूसरी ओर तालिबान को सबसे बड़ा खतरा बताने वालों का प्रतिशत नौ अंक कम हो गया है।सर्वेक्षण के अनुसार नकारात्मक भावनाओं के बावजूद 62 प्रतिशत पाकिस्तानी कहते हैं कि भारत के साथ सम्बंध सुधारना महत्वपूर्ण है। वहीं दो-तिहाई लोग द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने व दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए आगे बातचीत किए जाने के पक्ष में हैं।ज्यादातर भारतीय भी पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्ते बनाना, व्यापार बढ़ाना व दोनों देशों के बीच वार्ता चाहते हैं। इसके बाद भी पाकिस्तान की ओर भारतीय नजरिया मुख्य रूप से नकारात्मक है। दस भारतीयों में से छह (59 प्रतिशत) पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक रुख रखते हैं। वैसे साल 2011 के 65 प्रतिशत की तुलना में इस साल इसमें कुछ कमी आई है।सर्वेक्षण के मुताबिक भारत अकेला ऐसा देश नहीं है, जहां पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण है। जिन सात देशों में यह प्रश्न पूछा गया, उनमें से छह में पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक रुख देखा गया। चीन, जापान और मुस्लिम बहुल मिस्र, जॉर्डन व ट्यूनीशिया में यह सवाल पूछा गया। पाकिस्तानी और भारतीय दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि कश्मीर उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। 10 में से आठ पाकिस्तानी व 10 में से छह भारतीय कहते हैं कि कश्मीर पर विवाद को सुलझाना बहुत महत्वपूर्ण है।