16 February 2019



खेलकूद
विंबलडन में राफेल नडाल बाहर
29-06-2012

विंबलडन [दिलीप मेहता]। विंबलडन में जारी उलटफेर के क्रम में सबसे बड़ा नाम राफेल नडाल का जुड़ गया जब उन्हें चैंपियनशिप के दूसरे दौर में ही चेक गणराज्य के लुकास रोसोल के हार का सामना कर बाहर होना पड़ा। हालांकि महिलाओं में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी मारिया शारापोवा और चार बार की चैंपियन सेरेना विलियम्स तीसरे दौर में पहुंचने में सफल रही। रिकार्ड सात बार फ्रेंच ओपन जीतने वाले और दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी नडाल का 2005 के बाद किसी ग्रैंड स्लैम में अब तक का सबसे बुरा प्रदर्शन है। चेक गणराज्य के रोसोल ने नडाल को पांच सेट तक खींचे मुकाबले में 6-7, 6-4, 6-4, 2-6, 6-4 से हराया। पहली बार विंबलडन के मुख्य ड्रा में खेल रहे रोसोल ने नडाल की एक नहीं चलने दी और तीसरे दौर में अपनी जगह पक्की की। पिछले पांच क्वालीफाइंग मुकाबले में ही हार जाने वाले रोसोल ने इस बार अपना दमखम दिखा ही दिया। नडाल 2008 और 2010 में विंबलडन खिताब जीत चुके हैं। नडाल ने पहला सेट टाईब्रेकर में जीता लेकिन इसके बाद दोनों सेट रोसोल ने अपने नाम किया और चौथा सेट नडाल ने जीतकर मैच में रोमांच ला दिया। लेकिन बाजी इस बार रोसोल के हाथ लगी और सेट के साथ मैच में जीत लिया। वीनस विलियम्स और कैरोलिन वैजायिंकी व ली ना समेत कई वरीय खिलाड़ियों को शुरुआती दौर में ही हार का सामना करना पड़ा है। इससे पूर्व बारिश के कारण शारापोवा को गुरुवार को विंबलडन के कोर्ट नंबर एक पर जब बुल्गारिया की स्वेताना पिरोंकोवा के खिलाफ अधूरा मैच पूरा करने उतरीं तो उनका खेल काफी बिखरा हुआ नजर आया। शुरुआती लड़खड़ाहट के बाद रूसी सुंदरी शारापोवा निर्णायक सेट में धमाकेदार प्रदर्शन कर दूसरे दौर की बाधा पार करने में सफल रहीं। 2004 की विजेता शारापोवा ने दो घंटे, 25 मिनट के संघर्ष के बाद पिरोंकोवा को 7-6, 6-7, 6-0 से हराया। यह मैच बुधवार को जब रोका गया था तब शारापोवा 7-6, 3-1 से आगे थीं। फ्रेंच ओपन चैंपियन शारापोवा ने मैच के बाद कहा, 'मुझे काफी राहत मिली, मुझे नहीं लगा था कि स्वेताना इतना अच्छा प्रदर्शन करेगी। वह अच्छी सíवस कर रही थी और शॉट्स भी बेहतर लगा रही थी। दूसरा सेट हारने के बाद मुझे लगा कि अब मुझे आक्रामक प्रदर्शन करना चाहिए। मैंने वैसा किया और सब कुछ ठीक हो गया।' अब शारापोवा का मुकाबला चीनी ताइपे की सु वेई हेश से होगा। चार बार की चैंपियन सेरेना विलियम्स के लिए दूसरे दौर का मैच बेहद आसान रहा, क्वालीफायर हंगरी की मे¨लडा ¨सक उनके सामने टिक नहीं पाईं। छठी वरीयता प्राप्त सेरेना ने यह मुकाबला 6-1, 6-4 से अपने नाम करते हुए तीसरे दौर में जगह बनाई, जहां अब उनका मुकाबला 2008 की सेमीफाइनलिस्ट चीन की जेई झेंग से होगा। सेरेना ने पहले ही गेम में तीन धमाकेदार 'एस' लगाते हुए मैच की शानदार शुरुआत की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने मैच में कुल 10 'एस' दागे। नौवीं वरीयता प्राप्त फ्रांस की मेरियन बार्तोली को दूसरे दौर में अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। क्रोएशिया की मिरजाना ल्युसिच ने बार्तोली को सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से हराया। आठवीं वरीयता प्राप्त एंजिलिक कर्बर ने एकतारिना मकारोवा को 7-5, 6-3 से हराते हुए दूसरे दौर की बाधा पार की। अब कर्बर का मुकाबला 28वीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की क्रिस्टिना मैकाले से होगा। महिला वर्ग के अन्य मुकाबलों में सारा ईरानी ने एने कोथेवोंग को 6-1, 6-1 से, रॉबर्टा ¨वसी ने मेरिना एराकोविच को 6-4 6-3 से मात देकर तीसरे दौर में जगह बनाई। मरे का विजय अभियान जारी: पुरुष वर्ग में ब्रिटेन के एंडी मरे ने अपना विजय अभियान जारी रखते हुए तीसरे दौर में प्रवेश किया। चौथी वरीयता प्राप्त और स्थानीय उम्मीदों के केंद्र मरे ने दूसरे दौर में झन्नाटेदार सíवस के धनी क्रोएशिया के इवो कार्लोविक को 7-5, 6-7, 6-2, 7-6 से हराया। पिछले तीन वर्षो से सेमीफाइनल तक पहुंच रहे मरे को यह मुकाबला जीतने के लिए तीन घंटे सात मिनट तक संघर्ष करना पड़ा। पहला सेट हारने के बाद दूसरा सेट जीतकर कार्लोविक ने मैच को रोमांचक बना दिया, लेकिन इसके बाद मरे ने वापसी कर अगले दोनों सेट जीत लिए। बेल्जियम के जेवियर मेलिसे ने दूसरे दौर में 13वें क्रम के जाइल्स सिमोन को 6-4, 6-4, 7-6 से हराकर उलटफेर किया। फ्रांसिसी खिलाड़ी सिमोन ने महिलाओं तथा पुरुषों को समान इनामी राशि दिए जाने का विरोध कर हलचल मचा दी थी, लेकिन वे कोर्ट पर मेलिसे के सामने बेअसर नजर आए। एक अन्य मैच में ब्रायन बेकर ने जार्को निमिनेन को 6-0, 6-2, 6-4 से हराया।