15 February 2019



राष्ट्रीय
पाक करे सच्चा्ई स्वी कार: चिदंबरम
30-06-2012
नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि मुंबई हमले को निर्देशित करने के लिए कराची में कंट्रोल रूम पाकिस्तान की सरकारी मशीनरी के सहयोग से बनाया गया था। इसमें सैयद जबीउद्दीन उर्फ अबू जुंदाल के साथ लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक हाफिज सईद भी मौजूद था।अपने मंत्रालय की मासिक रपट कार्ड जारी करते हुए गृह मंत्री ने पाकिस्तान को सच्चाई स्वीकार करके मुंबई हमले मामले में शामिल 'स्टेट एक्टरों' को भी सौंपने की सलाह दी। गृह मंत्री ने कहा कि कराची में जैसा कंट्रोल रूम बनाया गया और उसे कुशलता से संचालित किया गया, वह बिना सरकारी मशीनरी के सहयोग के संभव नहीं था। वह कक्ष बिना सरकारी अमले के सहयोग के तैयार ही नहीं हो सकता था।चिदंबरम ने कहा कि जुंदाल को पाक में छुपने के लिए सुरक्षित ठिकाना मिला हुआ था। वह बांग्लादेश के रास्ते पाक गया था। चिदंबरम ने कहा कि जिस तरह भारत ने यह स्वीकार किया है कि जुंदाल भारतीय नागरिक है और यहीं वह कट्टरपंथी बना, उसी तरह पाक को भी यह सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए कि मुंबई हमला उसी की जमीं पर रचा गया, वहीं से उसका निर्देशन हुआ। इसमें सरकारी मशीनरी या स्टेट एक्टर शामिल थे।उन्होंने कहा कि जुंदाल को कई काम दिए गए थे। इनमें मुंबई में हमलावर दस आतंकियों को हिंदी सिखना भी शामिल था। उन्होंने कहा कि पाक को यह स्वीकार करना चाहिए कि जुंदाल को पाक से फर्जी पासपोर्ट जारी हुआ था। उसके पास पाकिस्तान के दो पहचान पत्र थे। उन्होंने कहा कि जुंदाल का पकड़ा जाना मुंबई हमले में खासा महत्वपूर्ण है। उससे इस मामले की छूटी और टूटी कडिय़ां जुड़ रही है। जांच अभी जारी है।उससे हमले को लेकर कई ऐसी जानकारी मिल रही हैं, जो अभी तक गायब थीं। चिदंबरम ने जुंदाल को लेकर दिल्ली, मुंबई पुलिस सहित अन्य एजेंसियों में टकराव की खबरों को गलत करार देते हुए कहा कि जांच पूरी होने पर अदालत के निर्देशानुसार उसे मुंबई और गुजरात पुलिस को सौंपा जाएगा। उसके जर्मन बेकरी और अहमदाबाद रेल विस्फोट में शामिल होने पर चिदंबरम ने कहा कि जांच पूरी होने पर उसकी भूमिका सामने आएगी।गृह मंत्री ने कहा कि जुंदाल लश्कर का महत्वपूर्ण सदस्य है। उससे जुड़ी हर खबर का न तो खंडन किया जा सकता है और न ही पुष्टि की जा सकती है। जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि अगर यह लगता है कि पाक से सूचनाएं साझा करने से पाक पर इस मामले में कार्रवाई करने का दबाव बनेगा तो सूचनाएं साझा करने में भारत को कोई समस्या नहीं है।केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि इस मामले में खुफिया एजेंसियों की विफलता की बात करना गलत है। उल्टा इस मामले में जुंदाल की गिरफ्तारी ने उसकी सफलता दर्शायी है।