15 February 2019



राष्ट्रीय
कलाम ने खुलासा किया कि…………….
30-06-2012

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को वर्ष 2004 में प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर सभी विपक्षी राजनीतिक पार्टियों में काफी बवाल हुआ था। उनके विदेशी मूल के म़ुद्दे को सभी नेताओं ने जमकर उछाला था और तब सोनिया ने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। चर्चा थी कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी सोनिया को प्रधानमंत्री बनाए जाने का विरोध किया था। मगर अब कलाम ने उन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि उन्होंने 2004 में सोनिया के प्रधानमंत्री बनने पर एतराज जताया था।कलाम को सोनिया गाधी के प्रधानमंत्री बनने पर कोई ऐतराज नहीं था। कलाम तो राजनीतिक पार्टियों के भारी दबाव के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार थे। कलाम के मुताबिक, सोनिया ही उनके सामने संवैधानिक रूप से मान्य एकमात्र विकल्प थीं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें मनमोहन सिंह का नाम सुनकर काफी हैरानी हुई थी। कलाम ने यह खुलासा अपनी नई किताब 'टर्निग पॉइंट्स' में किया है। कलाम की यह किताब 'विंग्स ऑफ फायर' का दूसरा संस्करण है। किताब जल्द ही पब्लिश होने वाली है। इस किताब में कलाम ने कई यादें साझा की हैं। इसमें सोनिया के प्रधानमंत्री पद ठुकराने का जिक्र भी किया गया है। किताब में कलाम ने यूपीए सरकार के साथ तनाव भरे रिश्तों का भी जिक्र किया है। उन्होंने किताब में लिखा है कि मई 2004 में हुए चुनाव के नतीजों के बाद सोनिया गाधी उनसे मिलने आई थीं। प्रेजिडेंट हाउस की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर चिट्ठी तैयार कर ली गई थी।उन्होंने कहा है, यदि सोनिया गाधी ने खुद प्रधानमंत्री बनने का दावा पेश किया होता, तो मेरे पास उन्हें नियुक्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने किताब में आगे लिखा है, 18 मई 2004 को जब सोनिया गाधी मनमोहन सिंह को लेकर आईं, तो मुझे आश्चर्य हुआ। सोनिया गाधी ने मुझे कई दलों के समर्थन के पत्र दिखाए। मैंने उनसे कहा कि उनकी सुविधा के मुताबिक वह शपथ दिलाने को तैयार हैं। सोनिया ने बताया कि वह मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री के पद पर मनोनीत करना चाहती हैं। ये मेरे लिए आश्चर्य का विषय था और राष्ट्रपति भवन के सचिवालय को चिट्ठिया फिर से तैयार करनी पड़ीं।' कलाम के इस खुलासे से पहले अक्सर बीजेपी और दूसरी पार्टिया यह प्रचारित करती रहती थीं कि सोनिया गाधी प्रधानमंत्री तो बनना चाहतीं थीं, लेकिन राष्ट्रपति कलाम ने उनके विदेशी मूल का मुद्दा उठाकर कह दिया था कि उन्हें संवैधानिक मशविरा करना होगा, इसके बाद सोनिया गाधी ने मनमोहन सिंह का नाम सुझाया था।