24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
चीन को चोरी छिपे बेचा अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर
30-06-2012

वाशिंगटन।अमेरिका की एक बड़ी कंपनी ने चीन को चोरी छिपे अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बेचा जिससे चीन ने अपना पहला आधुनिक युद्धक हेलिकॉप्टर बना लिया। अमेरिका ने चीन को किसी भी तरह की फौजी तकनीक बेचने पर प्रतिबंध लगा रखा है। कंपनी ने अब अपनी गलती मान ली है। वह अपने खिलाफ आपराधिक मामला रद्द करने के लिए सरकार को 7.5 करोड़ डॉलर (करीब 420 करोड़ रुपए) का जुर्माना चुकाने को तैयार है।झूठे दस्तावेज बनाए यह कंपनी है यूनाइटेड टेक्नोलॉजीस कॉर्प। कनेक्टीकट के ब्रिजपोर्ट की अदालत में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान इसने अपना अपराध कबूल किया। इस कंपनी ने माना कि इसने और इसकी दो अधीनस्थ कंपनियों ने अमेरिकी निर्यात कानून तोड़ा है। इन कंपनियों ने झूठे दस्तावेज तैयार करना भी कबूल लिया। सरकारी वकीलों ने कहा कि कंपनी जानता थी कि उसके सॉफ्टवेयर से चीन जैड 10 फौजी हेलिकॉप्टर बना लेगा। उसका सफल परीक्षण कर लेगा। इस कंपनी ने 10 इंजन व्यापारिक माल के नाम पर कानूनी तौर पर भेजे, लेकिन यह नहीं बताया कि इनमें हेलिकॉप्टर के इंजन विकसित करने का सामान है। वकीलों ने कहा कि यह कंपनी चीन के सिविलियन हेलिकॉप्टर बाजार में घुसपैठ करना चाहती थी। इसकी एक अधीनस्थ कंपनी प्रेट व्हिटने कनाडा ने अमेरिकी निर्यात कानून के उल्लंघन और फर्जी दस्तावेज बनाने का अपराध मान लिया। अब सरकार इन कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगा सकती है। जैड 10 हेलिकॉप्टर चीन ने सबसे पहले 2009 में विकसित किया था। यह विश्व के सबसे ताकतवर लड़ाकू हेलिकॉप्टरों में एक है। इससे चीन को अपने आकाश और ताइवान तक नजर रखने में मदद मिलेगी। तिब्बत में इसे तैनात करने से यह भारत के इलाकों तक मार करने में सक्षम है।