19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सरबजीत सिंह ने किया धर्म परिवर्तन!
30-06-2012

पाकिस्तानी जेल में 30 साल सजा काटने के बाद गुरुवार को भारत लौटे सुरजीत सिंह को मोहरा बना कर पाकिस्‍तानी मीडिया लगातार प्रोपैगंडा कर रहा है। 'पाकिस्‍तान टुडे' ने सुरजीत के हवाले से दावा किया है कि सरबजीत ने इस्‍लाम धर्म कुबूल कर लिया है।सुरजीत सिंह के हवाले से कहा गया है कि लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह ने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम 'सरफराज' रख लिया है। सरबजीत सिंह पर पाकिस्तान में बम धमाका करने का आरोप है। शुक्रवार को जियो न्‍यूज की वेबसाइट पर भी सुरजीत के हवाले से सरबजीत को आतंकवादी बताया गया था। अब 'पाकिस्‍तान टुडे' ने सुरजीत के हवाले से यह भी दावा किया है कि पाकिस्तान की जेल में मौत की सजा प्राप्त एक अन्य भारतीय कैदी किरपाल सिंह ने भी इस्लाम धर्म कबूल कर लिया है और उसका नाम अब मुहम्मद दिन हो गया है। इसके मुताबिक  शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सूचना केंद्र में पत्रकारों से बात करते हुए सुरजीत ने कहा, सरबजीत सिंह और किरपाल सिंह ने इस्लाम धर्म अपना लिया है। उन्होंने ऐसा शायद इसलिए किया है, ताकि उनकी सजा माफ हो सके। लेकिन फिर भी उनकी सजा माफ नहीं की गई है। पाकिस्तानी सरकार के अधिकारी अपने ही देश के नागरिकों के प्रति नरमी नहीं बरतते हैं।'सुरजीत सिंह के इस कथित बयान का सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने खंडन किया है। दलबीर कौर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह सच नहीं है। सरबजीत एक गुरूसिक्ख था, है और हमेशा रहेगा। वह जेल में भी अपने पास सिक्ख गुरूओं की तस्वीरें और धार्मिक ग्रंथ रखता है और नियमित रूप से उन धार्मिक किताबों को पढ़ता है।" दलबीर कौर ने यह भी कहा कि जेल में मुलाकात के दौरान उसने यह तो सुना कि कैदी किरपाल सिंह को मुस्लिम नाम से पुकारते हैं, लेकिन सरबजीत के मामले में ऐसा नहीं है। दलबीर ने पत्रकारों से बताया कि जेल में मुलाकात के दौरान सभी कैदियों द्वारा उसे सरबजीत या मनजीत कहकर ही पुकारा जाता है। जहां एक ओर सुरजीत सिंह द्वारा सरबजीत के इस्लाम धर्म कबूल किए जाने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वह सरबजीत सिंह के तीन महीने में छूट जाने की बात भी कह रहा है। पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई के सरबजीत की रिहाई के खिलाफ होने की बात को झुठलाते हुए सुरजीत ने पत्रकारों को बताया "सात से आठ पाकिस्तान के एमएलए मेरे अच्छे दोस्त हैं। यहां तक कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से भी मेरी अच्छी बातचीत है। मैंने आसिफ अली जरदारी के साथ नाश्ता भी किया है और मैं यह बात पुख्ता तौर पर कह सकता हूं कि सरबजीत की रिहाई जल्द ही होगी।"पाकिस्‍तान टुडे के मुताबिक, सुरजीत ने कहा "सरबजीत और मेरे मामले में काफी अंतर है। मैं जासूसी के आरोप में सजा काट रहा था, जबकि सरबजीत आतंकवादी होने के मामले में। चाहे पाकिस्तान हो या भारत, कोई भी देश आतंकवादियों को रिहा करना पसंद नहीं करेगा।"