19 February 2019



राष्ट्रीय
लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी था 26/11 नियंत्रण कक्ष में
03-07-2012

नई दिल्ली। 26/11 के मुंबई हमले का नियंत्रण कराची के जिस कक्ष से किया जा रहा था, उसमें मौजूद लोगों में एक लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी था, जिसकी पहचान मेजर जनरल साहेब के रूप में हुई है। यह बात प्रमुख संदिग्ध अबू जुंदाल ने भारतीय जांच अधिकारियों को दी। जांच अधिकारी अभी भी लश्कर के आतंकी की पहचान स्पष्ट करने में लगे हुए है।जुंदाल ने बताया है कि 26 नवंबर 2008 को हमले का नियंत्रण करने वाले कक्ष में पाकिस्तान की आधिकारिक खुफिया एजेंसी आईएसआई के कम से कम दो अधिकारी भी मौजूद थे।जांच अधिकारी के मुताबिक जुंदाल ने अब तक नियंत्रण कक्ष में मौजूद कुछ लोगों की जानकारी दी है। एक की पहचान उसने 'मेजर जनरल साहेब' के रूप में की है, जिसका सही नाम का पता नहीं चला है। लगता है कि वह लश्कर-ए-तैयबा का कोई ऊंचा अधिकारी है। इसके अलावा अन्य दो लोगों का नाम जुंदाल ने 'जकी-उर-रहमान लखवी और मुजम्मी उर्फ यूसुफ' बताया।जुंदाल को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे 21 जून को भारत लाया गया। अभी वह दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की हिरासत में है। उससे नवंबर 2008 के मुंबई हमलों सहित कई अन्य आतंकी हमले के बारे में पूछताछ की जा रही है।लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी जुंदाल से 12 दिन की पूछताछ के बाद भारतीय अधिकारियों को यह विश्वास हो चला है कि मुंबई हमला पाकिस्तान सरकार के सहयोग से की गई थी और आईएसआई ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।26/11 के मुंबई आतंकी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी और 238 लोग घायल हुए थे। देश की अलग-अलग खुफिया और पुलिस एजेंसियां जुंदाल से पूछताछ कर रही है।अधिकारियों ने कहा कि जुंदाल को आईएसआई अधिकारियों का नाम और पद पता नहीं है। उसका कहना है कि जब उन अधिकारियों से वह नियंत्रण कक्ष में मिला तब उसे इस बारे में पूछने की इजाजत नहीं थी।अधिकारियों के मुताबिक जुंदाल सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा सदस्य हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी का नाम जानता है, क्योंकि वह उन्हे पहले से जानता था।