17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्ता न ने दिखाई अकड़
03-07-2012

इस्लामाबाद। पाकिस्‍तान ने अकड़ दिखाई है। उसने भारत से माफी की मांग रखी है। उसका कहना है कि सुरजीत सिंह से जासूसी करवाने के एवज में भारत माफी मांगे। पाकिस्तानी गृहमंत्री रहमान मलिक ने भारत को सुरजीत सिंह को जासूस बनाकर भेजने के लिए माफी मांगने को कहा है। गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पहले ही रहमान मलिक ने यह दावा किया था कि जबीउद्दीन अंसारी ने मुंबई हमले को अंजाम देने के लिए पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल किया था। रहमान मलिक ने यह बात लंदन में एक न्यूज कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत को सुरजीत सिंह को जासूसी करने के लिए भेजने के मामले में पाकिस्तान से माफी मांगनी चाहिए।सुरजीत सिंह को पिछले हफ्ते ही रिहा किया गया है। उसे सन् 1985 में जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सुरजीत को मौत की सजा दी गई थी, जिसे सन् 1989 में तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति द्वारा बदल दिया गया था। सुरजीत करीब 30 साल तक जेल में बंद रहा। इसके साथ ही पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह दावा भी किया है कि मुंबई हमले में 40 भारतीय नागरिक भी शामिल थे। माना जाता है कि मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जबीउद्दीन अंसारी के खुलासों से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान ने नया पैंतरा आजमाया है।  'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के हवाले से पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया है कि इस हमले में भारत के 40 नागरिक भी शामिल थे, जिन्होंने साजिश को अंजाम देने के लिए आतंकवादियों की मदद की थी। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस बात पर भारत सरकार से सफाई भी मांगी है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में हाल ही में होने वाली दोनों देशों के विदेश सचिव की बैठक में पाकिस्तान अंसारी की हालिया गिरफ्तारी के बारे में जानकारियां मांगेगा। दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच दो दिन चलने वाली यह बैठक 4 जुलाई को होनी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि वे इस बैठक में अंसारी की गिरफ्तारी का ब्यौरा मांगेंगे। अधिकारी ने कहा, "भारत ने अभी तक अंसारी की गिरफ्तारी की कोई भी जानकारी हमसे साझा नहीं की है।"अधिकारी ने यह दावा किया कि भारत की मदद के बिना उनके देश में इतना बड़ा आतंकवादी हमला संभव नहीं था। अधिकारी ने यह भी कहा कि मुंबई हमले की जांच में भारत हमेशा से पूरी जानकारी साझा नहीं करता है। अधिकारी ने कहा, "जब मुंबई हमले की जांच करने के लिए पाकिस्तानी न्यायिक कमीशन भारत पहुंचा तो उन्हें गवाहों से पूछताछ करने से रोक दिया गया। हम सुनी हुई बातों पर विश्वास नहीं कर सकते।"हालांकि, गवाहों से पूछताछ के संबंध में भारतीय अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों की सरकार के बीच पहले ही समझौता हो चुका था और कमीशन को गवाहों से पूछताछ की इजाजत नहीं दी गई थी।