16 February 2019



राष्ट्रीय
आदर्श हाउसिंग घोटाला चार्जशीट में अशोक चह्वाण का नाम
04-07-2012

मुंबई। आदर्श हाउसिंग घोटाले में सीबीआइ ने बुधवार को पहला आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपपत्र में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण का नाम भी शामिल है।इससे पहले मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि आदर्श सोसाइटी घोटाले की जांच सीबीआइ के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। बांबे हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर राज्य सरकार ने कहा कि उसने इस मामले में सीबीआइ जांच की सिफारिश नहीं की थी। चूंकि मामला राज्य से संबंधित है, इसलिए स्थानीय पुलिस जांच करने में सक्षम है। राज्य सरकार के इस पैंतरे को आरोपी नेताओं को बचाने की तिकड़म के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार की ओर हाई कोर्ट में पिछली सुनवाई पर ही यह मंशा जाहिर कर दी गई थी कि वह आदर्श घोटाले की जांच से सीबीआइ को बाहर करना चाहती है। पिछली सुनवाई पर राज्य सरकार की ओर से पेश वकील साखरे ने दलील दी थी कि दो सदस्यीय जांच आयोग ने जमीन पर मालिकाना हक राज्य सरकार का बताया है। चूंकि आदर्श सोसाइटी द्वारा उपयोग की गई जमीन रक्षा मंत्रालय की नहीं है, इसलिए किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा इस मामले की जांच की आवश्यकता नहीं है। साखरे की उक्त दलील पर मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति बोबड़े ने उन्हें राज्य सरकार की ओर से इस आशय का हलफनामा चार जुलाई तक देने का कहा था। साखरे ने कोर्ट के उक्त निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित तिथि से एक दिन पहले ही कोर्ट में हलफनामा देकर सीबीआइ को जांच से बाहर करने का रास्ता खोल दिया है। राज्य सरकार की ओर से मंगलवार को दायर हलफनामे से सीबीआइ को आदर्श घोटाले की जांच से अपने हाथ खींचने पड़ सकते हैं। माना जा रहा है कि इसीलिए सीबीआइ ने मंगलवार को आरोप पत्र पेश नहीं किया। जानकारों का मानना है कि आदर्श घोटाले में मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवा चुके अशोक चह्वाण का नाम सीबीआइ के आरोपपत्र में आने के बाद दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख एवं सुशील कुमार शिंदे भी मुश्किल में फंस सकते हैं।