16 February 2019



राष्ट्रीय
पाक को जुंदाल पर सबूतों का आईना दिखाने की तैयारी
04-07-2012

नई दिल्ली। पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की बातचीत में भारत ने आतंकी अबू जुंदाल पर सबूतों का आईना दिखाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए गृह मंत्रालय ने जुंदाल से बरामद पाकिस्तानी पासपोर्ट, राष्ट्रीय पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों के आधार पर एक डोजियर तैयार किया है। इसे बातचीत के दौरान पाकिस्तान को सौंपा जाएगा। मुंबई आतंकी हमले में नए सिरे से बेनकाब हुई पाकिस्तानी साजिश के बाद विदेश सचिव स्तर वार्ता में किसी ठोस नतीजे की उम्मीद काफी धुंधला गई है।सूत्रों के अनुसार, बीती शाम लश्कर-ए-तैयबा जुंदाल से हो रही पूछताछ की निगरानी कर रहे गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने विदेश सचिव रंजन मथाई को भी ब्योरा पेश किया है। दोनों देशों के बीच बुधवार से शुरू हो रही दो दिनी वार्ता के दौरान भारत की ओर से अबू जुंदाल को जारी पाकिस्तानी पासपोर्ट और उर्दू व अंग्रेजी में जारी पहचान पत्रों की प्रतिलिपि सामने रखी जाएगी। बातचीत की मेज पर भारत इन दस्तावेजों पर पाकिस्तान से जाच करने की माग भी करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान से यह पूछा जाएगा कि आखिर एक भारतीय नागरिक को रियासत अली के नाम से असली पासपोर्ट और पहचान कैसे जारी हो गया? यदि पाक सरकार की मंशा सही है तो फिर इसे जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे।जुंदाल के पास से मिले पासपोर्ट में उसके पिता का नाम मोहम्मद खुशी दर्ज है। 2009 में जारी इस पासपोर्ट में उसे पाकिस्तान के पंजाब प्रात के शेखपुरा का निवासी बताया गया है। यह पासपोर्ट 5 साल के लिए वैद्य है। इसी के आधार पर उसे सऊदी अरब का वीजा प्राप्त हुआ था। प्रारंभिक पूछताछ में जुंदाल ने जाचकर्ताओं को बताया है कि मुंबई हमले के दौरान आतंकियों को निर्देश देने के लिए बना कंट्रोल रूम कराची के छावनी क्षेत्र में था। सवाल लाजिमी है कि सैन्य इलाके में आतंकी हमले का कंट्रोल रूम कैसे बना और उसे तमाम अत्याधुनिक संचार उपकरणों से कैसे सुसज्जित किया गया? भारतीय खेमा इस खुलासे को 26/11 हमले को सरकारी शह के नए सबूत के तौर पर देख रहा है। हालाकि भारतीय खेमे ने साफ किया है कि वह पाक के साथ जुंदाल से मिली कुछ ही जानकारिया साझा करेगा। भारत नए सिरे से 26/11 के आरोपियों की आवाज के नमूने देने की भी माग करेगा, ताकि हमले के दौरान कंट्रोल रूम में उसकी उपस्थिति के सबूत जुटाए जा सकें। खास बात है कि अभी तक पाकिस्तान आरोपियों की आवाज के नमूने देने में आनाकानी करता रहा है।