19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
नाटो हमले पर अमेरिका का गहरा पछतावा
04-07-2012

 वाशिंगटन। अफगानिस्तान में महत्वपूर्ण नाटो सप्लाई मार्ग खोलने के लिए पाकिस्तान राजी हो गया है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को पाकिस्तान से माफी मांगनी पड़ी। अमेरिका की ओर से विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तान से पिछले वर्ष नाटो सेना द्वारा किए गए हमले के लिए माफी मांगी। उन्होंने अपनी पाकिस्तानी समकक्ष हिना रब्बानी खार को फोन करके सॉरी बोला। उन्होंने कहा, 'अमेरिका पिछले वर्ष हुए नाटो के हवाई हमले में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों के लिए माफी मांगता है।'पिछले साल नवंबर में नाटो हवाई हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। उसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में नाटो सैनिकों की रसद आपूर्ति के रास्ते बंद कर दिए थे। हिलेरी ने मंगलवार को बताया अब पाकिस्तान आपूर्ति मार्गो को फिर से खोलने के लिए तैयार है।हिलेरी से बातचीत के दौरान खार ने उन्हें बताया कि अफगानिस्तान में ग्राउंड सप्लाई लाइनें (जीएलओसी) खोली जा रही हैं। हिलेरी ने कहा कि अफगानिस्तान और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा के व्यापक हितों के मद्देनजर पाकिस्तान किसी भी प्रकार का पारगमन शुल्क नहीं लेगा। हिलेरी ने पिछले वर्ष नवंबर में नाटो हमले पर अमेरिका के गहरे पछतावे की बात दोहराई और कहा कि उन्होंने व खार ने गलतियों को स्वीकार किया कि पाकिस्तानी सैनिकों के जीवन की हानि हुई है। इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध काफी खराब स्थिति में पहुंच गए थे।हिलेरी ने कहा, 'उस घटना में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों के परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदना प्रकट करती हूं। पाकिस्तानी सेना को होने वाले नुकसान के लिए हमें दुख है। हम पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ काम करने को प्रतिबद्ध हैं।' मालूम हो कि इस्लामाबाद नाटो के लिए आपूर्ति मार्ग खोलने के लिए अमेरिका से माफी मांगे जाने की जिद पर अड़ा था। इससे पहले अमेरिका के उपविदेश मंत्री थॉमस नाइड्स ने इस्लामाबाद में खार से सप्लाई मार्गो के खोलने के बारे में बात की। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' अखबार ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा, 'बातचीत सकारात्मक रही।' वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी बातचीत का कुछ नतीजा निकलने के संकेत दिए थे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने उम्मीद जताई थी कि सावधानी से शब्दों का चयन किया जाए तो माफी भले ही संभव न हो, लेकिन गतिरोध दूर किया जा सकता है।पिछले सप्ताह अफगानिस्तान में नाटो बलों के अमेरिकी कमांडर जनरल जॉन एलेन ने इसी मुद्दे पर बातचीत के लिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कियानी से मुलाकात की थी। पाकिस्तान ने नाटो के लिए आपूर्ति मार्ग खोलने को लेकर अमेरिका से प्रति ट्रक 1800 डॉलर (करीब 99 हजार रुपये) से 2000 डॉलर (करीब एक लाख 10 हजार रुपये) की मांग की थी। नवंबर में हुए हमले से पहले तक नाटो ने 250 डॉलर (करीब 13 हजार 730 रुपये) प्रति ट्रक भुगतान किया था।पाकिस्तान केसाथ संबंध सामान्य नहींउत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के महासचिव जनरल एंडरसन फोग ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ सहयोग वाली गतिविधियों में कमी आई है और उसके साथ स्थिति सामान्य नहीं है। उन्होंने कहा, 'हाल के महीनों के दौरान सहयोग की गतिविधियों में हमने गिरावट देखी है, जिसका मुझे खेद है।'