16 February 2019



खेलकूद
टेस्ट क्रिकेट के वजूद को खतरा
05-07-2012

मुंबई। पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ का मानना है कि आने वाले दस सालों में टेस्ट क्रिकेट के वजूद को बचाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। द्रविड़ का कहना है कि आज की पीढ़ी ट्वंटी-20 को देखकर बड़ी हो रही है और इसलिए वह टेस्ट से ज्यादा फटाफट क्रिकेट को तरजीह देंगे। एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में शिरकत करने आए मिस्टर कूल ने कहा कि रोहित शर्मा, सुरेश रैना, मनोज तिवारी जैसे युवा क्रिकेटर टेस्ट को देखकर बड़े हुए हैं लेकिन यहां मेरे बेटे के उम्र के बच्चों की बात हो रही है। ये बच्चे टी-20 और आइपीएल देखकर बड़े हो रहे हैं और आने वाले दस सालों में वे क्या चाहेंगे ये देखने वाली बात होगी। मैं इसे अभी किसी समस्या के तौर पर नहीं देखता हूं, बल्कि कुछ सालों बाद यह समस्या हमारे सामने आएगी। टेस्ट क्रिकेट में तीसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले द्रविड़ ने कहा कि जब आइपीएल जैसी लीग खिलाड़ियों को फटाफट पैसा कमाने का अवसर देती है, ऐसे में इन बच्चों को यह समझना जरूरी है कि असली संतुष्टि टेस्ट क्रिकेट खेलने से ही मिलती है। मैं तो यही कहना चाहूंगा कि छोटे प्रारूप के लिए आप अपने आप को नहीं बेचना। द्रविड़ ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को सर्वश्रेष्ठ कप्तान करार दिया। द्रविड़ ने कहा सभी कप्तानों की अपनी विशेषता रही है, लेकिन मेरी नजरों में गांगुली और धौनी सर्वश्रेष्ठ हैं। दोनों ने अपने-अपने समय में भारतीय क्रिकेट को बुलंदियों पर पहुंचाया। मार्च में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले द्रविड़ ने कहा कि गांगुली अपने काम को लेकर बहुत जुनूनी थे। उनमें जीतने की इच्छा थी। वह जीत के लिए कुछ भी कर सकते थे। धौनी के पास ज्यादा परिपक्व टीम है। नतीजों को देखें तो धौनी महान कप्तान हैं।