15 February 2019



राष्ट्रीय
अबू जिंदाल के इस खुलासे से सुरक्षा एजेंसियां सन्न
06-07-2012

नई दिल्ली. मुम्बई के 26/11 हमले के लिए पाकिस्तान के मुरिदके में 12 आतंकवादियों को प्रशिक्षण देते वक्त मामले के भारतीय षड्यंत्रकारी जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जिंदाल को डेविड कोलमैन हेडली से मुम्बई के बारे में नियमित जानकारी मिलती थी। हेडली लश्कर-ए-तैयबा के भेदिया के तौर पर सूचना जुटाने के लिए मुम्बई आता रहता था। इस खुलासे से सुरक्षा एजेंसियां सन्न हैं। जिंदाल ने भारतीय जांच अधिकारियों को बताया कि मुम्बई आतंकवादी हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा ने 10 नहीं बल्कि 12 आतंवादियों को प्रशिक्षित किया था। हालांकि बाद में उनमें से 10 को ही भारत भेजा गया।जांच अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी नागरिक हेडली रोजाना मुम्बई से सम्बंधित ताजा जानकारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख जकी-उर-रहमान लखवी को दिया करता था, जो आगे जिंदाल को जानकारी देता था। जिंदाल ने 2007 से 26 नवम्बर 2008 के मुम्बई हमले से ठीक पहले तक मुरिदके में आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया था।हेडली ने अमेरिका की अदालत में कहा था कि मुम्बई हमले से पहले उसने मुम्बई का दौरा किया था और कई निशानों पर हमले के लिए सूचना इकट्ठा की थी।जिंदाल को दिल्ली की अदालत में दाखिल दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी में सैयद जकीउद्दीन उर्फ अबू जिंदाल (जुंदाल नहीं) बताया गया है। नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी, महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वोड, इंटेलीजेंस ब्यूरो और दिल्ली पुलिस के एक विशेष बल सहित छह से अधिक जांच एजेंसियां जिंदाल से पूछताछ कर रही हैं।उसे सऊदी अरब में गिरफ्तार करने के बाद भारत प्रत्यर्पित किया गया था। दिल्ली हवाईअड्डे पर 21 जून को पहुंचने के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। अबू को पांच जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। एक जांच अधिकारी ने कहा कि अधिकारी उससे रोज लगभग 20 घंटे पूछताछ कर रहे हैं।जिंदाल ने जांच अधिकारियों से कहा कि हेडली ने लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों से सांठ-गांठ कर मुम्बई हमला तथा अन्य आतंकी वारदात की योजना बनाई थी। जांच अधिकारियों के एक सूत्र ने कहा, "जिंदाल हेडली से 2007 में मुरिदके में स्थित प्रशिक्षण केंद्र में कुछ समय के लिए मिला था।" जिंदाल ने बताया कि हेडली ने लश्कर और पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों की ओर से 2008 के हमले का निशाना तय करने के लिए 2006 से 2008 के बीच मुम्बई का पांच बार दौरा किया था।जिंदाल ने बताया, "2002 से 2005 तक हेडली कई बार आतंकी प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान आया था। इस दौरान वह अमेरिका के ड्रग प्रवर्तन प्रशासन के मुखबिर का काम भी करता रहा।" अक्टूबर 2009 में पाकिस्तान की यात्रा पर निकलते समय हेडली को ओ'हेयर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया था। जिंदाल ने बताया कि लश्कर ने हेडली को आतंकी प्रमुख साजिद मीर के साथ काम करने के लिए कहा, जिसे साजिद माजिद के नाम से भी जाना जाता है। कथित तौर पर साजिद माजिद मुम्बई हमले का प्रमुख योजनाकार था।अधिकारी ने से कहा, "जिंदाल ने हालांकि मीर के इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से सम्बंध रखने की जानकारी नहीं दी है।" मीर के बाद हेडली को जनवरी 2006 में एक आईएसआई अधिकारी मेजर समीर अली के साथ रख दिया गया, जिसने उसे मेजर इकबाल के पास भेज दिया और वही मुम्बई हमले से सम्बंधित दौरे के लिए लाहौर में हेडली को नियंत्रित करता था।इसके बाद इकबाल ने हेडली की पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल शाह से कराई, जिसने हेडली को भारत के विरुद्ध आतंकी अभियान के लिए आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) जिंदाल से पूछताछ करने वाली एजेंसियों में शामिल हुई है।