19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
भविष्य में चुकानी पड़ेगी इसकी कीमत: हिलेरी क्लिंटन
07-07-2012

मास्को। अमेरिका ने रूस और चीन से सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन न करने को कहा है। उसका कहना है कि यदि वे असद का साथ देते हैं तो भविष्य में उन्हें इसकी कीमत भी चुकानी पड़ेगी। इसके अलावा उसने सीरिया पर प्रतिबंध लगाने के लिए फिर से संयुक्त राष्ट्र में जाने की बात कही।अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने पेरिस में 'फ्रेंड्स ऑफ सीरिया' कार्यक्रम में सौ से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में शुक्रवार को कहा, 'आप रूस और चीन में जाएं तथा उनसे केवल अपील न करे, बल्कि मांग करे कि वे सीरिया सरकार को समर्थन देना बंद करें तथा वहां के लोगों की वैध आकांक्षाओं को समर्थन देना शुरू करें।'अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि यहां मौजूद राष्ट्र रूस और चीन को बताएं कि उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, क्योंकि उन्होंने प्रगति रोक रखी है। रूस और चीन इस बैठक में मौजूद नहीं थे। दोनों देशों ने सीरिया के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को लेकर दो बार वीटो किया है। रूस ने सीरिया के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को विद्रोहियों के पक्ष में करार देते हुए कहा कि इससे हिंसा रोकने में किसी तरह की मदद नहीं मिलेगी। हिलेरी क्लिंटन ने कहा, 'हम फिर से प्रस्ताव लाने के लिए सुरक्षा परिषद में जाएंगे।' हालांकि हिलेरी ने सीरिया में जारी संकट के मामले में अब तक हुई कार्रंवाइयों की प्रशंसा की। उन्होंने बैठक में उपस्थित उन देशों की निंदा की जो सीरियाई जनता की सहायता के लिए किए जाने वाले कार्यो से तो सहमत हैं, लेकिन असद सरकार को सत्ता से बाहर करने और सीरिया पर प्रतिबंध नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यदि ईरान सीरिया की सहायता करता रहे और रूस उसे धन मुहैया कराता रहे तथा अन्य देश उस पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने से कतराते रहें, तो क्या हम उसे बचाए रह सकते हैं?'