19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सरबजीत को मिले संदेह का लाभ
07-07-2012

लाहौर। सरबजीत के वकील अवाइस शेख ने पाक सरकार से सरबजीत की सजा को उम्रकैद में बदलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने उसके मामले की सुनवाई करते समय कई गलतियां की हैं। उन्होंने कहा कि सरबजीत मामले में उसे संदेह का लाभ देना चाहिए था जो कि उसे नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में संदेह का लाभ पहले भी दिया जाता रहा है लेकिन कोर्ट ने सरबजीत मामले में इसको नजरअंदाज किया।शेख ने कहा कि जांच एजेंसियों ने सरबजीत की पहचान को छिपाकर उसको मंजीत सिंह के नाम से गिरफ्तार किया जो कि इस बम धमाके में वास्तव में शामिल था। शेख ने कहा कि लाहौर हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि नाम से कुछ खास फर्क नहीं पड़ता है कि यह महत्वपूर्ण है कि सरबजीत ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्होंने कहा कि सरबजीत ने किसी अदालत और किसी जांच एजेंसियों के सामने अपना ऐसा कोई इकबालिया बयान नहीं दिया जिसमें उसने जुर्म कबूलने की बात कही हो। हालांकि उन्होंने माना कि सरबजीत ने मीडिया के सामने अपना जुर्म कबूला था लेकिन इसकी कानूनन वैद्यता नहीं है। सरबजीत ने कहा कि 29 अगस्त 1990 को वह गैरकानूनी तरीके से पाकिस्तान में शराब की तस्करी के लिए आया था न कि पाकिस्तान में बम धमाका करने के लिए। उसने कहा कि जिस वक्त बस मे धमाका हुआ उस वक्त वह भारत में ही था। उन्होंने सरबजीत की रिहाई की झूठी खबर फैलाकर उसको वापस लेने पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस मामले में सरकार को पांच घंटे लग गए यह समझाने में कि सरबजीत की रिहाई नहीं बल्कि सुरजीत रिहा हो रहा है।