22 February 2019



राष्ट्रीय
फासिह को सऊदी अरब से भारत प्रत्यर्पित कराने की प्रक्रिया जटिल
10-07-2012

नई दिल्ली. कई आतंकी घटनाओं का आरोपी फासिह मोहम्मद सऊदी अरब की जेल में है। यह जानकारी सोमवार को केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल गौरव बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट को दी है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वह फासिह को भारत लाने के लिए क्या कदम उठा रही है। इसके जवाब के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।जस्टिस पी. सतशिवम की अध्यक्षता वाली बेंच फासिह की पत्नी निकहत परवीन की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत में बनर्जी ने बताया कि सऊदी अरब के अधिकारियों ने 26 जून को सीबीआई अफसरों को फासिह के बारे जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि फासिह को सऊदी अरब से भारत प्रत्यर्पित कराने की प्रक्रिया जटिल और लंबी होगीनिकहत ने यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पेश किया था। फासिह पांच साल से सऊदी अरब की एक कंपनी में इंजीनियर था। उसका कहना था कि फासिह को भारतीय गुप्तचरों ने मई में उसके घर से उठा लिया था। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं है। निकहत ने कोर्ट से कहा था कि वह सरकार से पूछे कि फासिह कहां है।इस्लामाबाद त्न घाटी में दहशत फैलाने के लिए आतंकवादी संगठन पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं यह बात एक बार फिर सही साबित हुई है। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठनों ने रावलपिंडी में विशाल सभा कर अपनी गतिविधियों को जारी रखने के लिए मदद मांगी। अल बदर मुजाहिदीन ने रावलपिंडी के स्वान बस अड्डा स्थित अपने केंद्र में दो दिवसीय 'शुहादा सम्मेलन' का आयोजन किया था।यह सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। इसमें अल बदर के आतंकियों सहित करीब 1,000 आतंकी और जम्मू-कश्मीर एवं अफगानिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त कई संगठनों ने भाग लिया। अल बदर प्रमुख बख्त जमीन खान और हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन सहित कई आतंकी कमांडरों ने इस सम्मेलन को संबोधित कि या।इन लोगों ने अफगानिस्तान और कश्मीर में जिहाद को जारी रखने के लिए संसाधन और नए सदस्य मुहैया कराने की बात कही। हिज्ब-ए-इस्लामी अफगानिस्तान और जमात उद दावा के नेताओं ने भी इस सम्मेलन को संबोधित किया बख्त जमीन खान ने कहा, 'कुछ लोगों को लगता है कि कश्मीर में जिहाद खत्म हो गया है। यह सही नहीं है।' संयुक्त जिहाद परिषद के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन ने कहा, 'अमेरिकी शैतान ने अफगानिस्तान में मौजूद अपने 48 सहयोगी देशों की मदद के साथ पाकिस्तान को घेर लिया है।'