19 February 2019



खेलकूद
कोहली के विराट शतक ने दिलाई बोनस संग जीत
28-02-2012

होबार्ट। विराट कोहली [नाबाद 133] की विराट शतकीय पारी और गौतम गंभीर [63] के साथ निभाई शतकीय साझेदारी जीत के करीब पहुंचा दिया। बाद में कोहली ने सुरेश रैना [नाबाद 40] के साथ तेजी से खेलते हुए 321 रनों का लक्ष्य मात्र 36.4 ओवरों में हासिल कर टीम को न सिर्फ बोनस अंक दिलाया बल्कि फाइनल में पहुंचने की आस को जीवंत रखा है। कोहली ने अपनी यादगार पारी में 86 गेंदों में 16 चौके व दो छक्के लगाए। जबकि रैना ने 24 गेंदों में तीन चौका एक छक्का लगाकर भारत को रोमांचक लेकिन आसान जीत दिला दी। भारत को अपनी चुनौती बनाए रखने के लिए यह लक्ष्य 40 ओवर में हासिल करना था। इससे पूर्व तिलकरत्ने दिलशान [नाबाद 160] और कुमार संगकारा [105] के दिलकश शतकों और दूसरे विकेट के लिए की गई 200 रनों की रिकार्डतोड़ शतकीय साझेदारी की बदौलत श्रीलंका ने भारत के सामने जीत के लिए 321 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। आस्ट्रेलिया में पहला शतक लगाने वाले दिलशान ने आज वनडे करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी पारी खेलते हुए भारतीय गेंदबाजों को खूब परेशान किया और अपनी अविजित पारी में 165 गेंदों में 11 चौका व तीन करारे छक्के लगाए। दिलशान ने करियर का 11वां शतक लगाने के बाद दूसरी बार डेढ़ सौ रनों का आंकड़ा पार किया। वहीं संगकारा ने भी शानदार शतक लगाए। दो शतकों की मदद से श्रीलंका ने 50 ओवर में चार विकेट पर 320 रन बनाए। इस सीरीज में किसी भी टीम ने पहली बार तीन सौ का आंकड़ा पार किया है। श्रीलंका ने अंतिम 10 ओवरों में 105 रन जोड़े। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरे ओपनरों वीरेंद्र सहवाग [30] और सचिन तेंदुलकर [39] ने भारत को तेज शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए मात्र 6.2 ओवर में 54 रन बना लिए। लेकिन फरवीज माहरुफ की धीमी गेंद पर शाट खेलने के प्रयास में दिलशान के हाथों लपके गए। इसके बाद सचिन और गंभीर ने पारी को तेजी से आगे बढ़ाया और रन गति को बनाए रखा। सचिन आज अच्छे फार्म में दिखे पर 30 गेंदों में पांच चौके की मदद से 39 रन बनाने के बाद मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू कर दिया। इससे पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद श्रीलंका को सलामी बल्लेबाजों कप्तान महेला जयवर्धने [22] और दिलशान ने सधी हुई शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। रविंदर जडेजा ने भारत को 12वें ओवर की अंतिम गेंद पर जयवर्धने को स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के हाथों कैच आउट कर पहली सफलता दिलाई। लेकिन दिलशान और संगकारा ने 31.2 ओवर तक क्रीज पर टिककर भारत को दूसरी सफलता के लिए तरसा दिया। इस बीच दिलशान ने 22वें ओवर में चौका लगाकर अपना पचासा पूरा किया। इसके बाद संगकारा ने भी सीरीज में अपनी असफलता को पीछे छोड़ते हुए अर्धशतक लगाया। धीरे-धीरे खेलते हुए दोनों ने तेजी से रन बटोरना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए दो सौ रनों की शतकीय साझेदारी की जो वनडे क्रिकेट में इस विकेट के लिए श्रीलंका की सबसे बड़ी साझेदारी है। संगकारा ने 84 गेंदों में शानदार शतक लगाया जो उनके करियर का 13वां शतक है। हालांकि शतक लगाने के बाद पांच रन ही जोड़ सके थे कि संगकारा को प्रवीण कुमार ने बोल्ड कर चलता किया। संगकारा ने 87 गेंदों में आठ चौके व दो छक्के लगाए। तेजी से रन बनाने के लिए ऊपर भेजे गए थिषारा परेरा [3] दो रन लेने के प्रयास में आउट हो गए। जहीर ने भारत को चौथी सफलता दिलाते हुए एंजेलो मैथ्यूज [14] को कैच आउट कराया। सीरीज में शुरुआती हार के बाद लगातार दो मैच जीतकर शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय टीम को इसके बाद लगातार हार का सामना करना पड़ा और वह टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है। जबकि आस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंच चुकी है। फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम का फैसला आज होगा। सीरीज में टीम इंडिया को अपनी चुनौती बनाए रखने के लिए अपने अंतिम लीग मुकाबले में बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी और आज भारतीय कप्तान धौनी ने बल्लेबाजी के मुफीद पिच पर टास जीतकर श्रीलंका के खिलाफ पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। भारत ने अपने एकादश में इरफान पठान की जगह जहीर खान को