19 February 2019



राष्ट्रीय
गले की फांस बन गया चिदंबरम का बयान
12-07-2012

नई दिल्‍ली। केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम का एक बयान उन्‍हीं के गले की फांस बन गया है। चिदंबरम महंगाई को लेकर मध्यवर्गीय मानसिकता से नाराज हैं।उन्होंने मंगलवार को कहा था कि लोग आइसक्रीम और पानी पर तो 15 रुपए खर्च कर देते हैं, लेकिन चावल-गेहूं की कीमत में एक रुपए की बढ़त बर्दाश्त नहीं कर पाते। चिदंबरम ने महंगाई पर सरकार का बचाव करते हुए कहा था कि सरकार हर चीज को मिडिल क्लास के नजरिए से नहीं देख सकती। वे बेंगलुरू में कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ प्रेस कान्फ्रेंस कर रहे थे। लेकिन इस बयान पर बवाल मचने के बाद गृह मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि उन्‍होंने मीडिल क्‍लास का मजाक नहीं उड़ाया है। उन्‍होंने मीडिल क्‍लास नहीं बल्कि हम शब्‍द का प्रयोग किया था।जेडी(यू) अध्‍यक्ष शरद यादव चिदंबरम के बचाव में बयान देते दिखाई दिए। उन्‍होंने कहा, 'कारें महंगी होती हैं तो शोर नहीं होता। फिर छोटी-मोटी चीजों के दाम बढ़ने पर इतना बवाल क्‍यों होता है। शरद ने कहा कि फिजूलखर्ची पर लगाम लगाई जानी चाहिए। शादिया में खर्च की सीमा तय होनी चाहिए। जो लोग ज्‍यादा खर्च कर रहे हैं, उन पर टैक्‍स लगाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि मंगलवार को एक अखबार में छपे केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के इंटरव्यू के कारण खुद उनकी और कांग्रेस की किरकिरी हो चुकी है। कानून मंत्री ने कांग्रेस को दिशाहीन और राहुल गांधी को जिम्‍मेदारी नहीं लेने वाला नेता बताया था। लेकिन पार्टी से जवाब मांगने के बाद वह मीडिया में आए और अपनी सफाई दी।