18 February 2019



खेलकूद
टेस्ट क्रिकेट पर महा-बहस
12-07-2012

नई दिल्ली। टेस्ट क्रिकेट पर महा-बहस चालू है। पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ के टेस्ट को बचाने के लिए युवाओं को उत्साहित करने के बयान के बाद मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि आप टेस्ट क्रिकेट को पसंद करने के लिए किसी को मजबूर नहीं कर सकते हैं।द्रविड़ ने पिछले सप्ताह ही कहा था कि अगले दस साल में टेस्ट क्रिकेट संकट में पड़ सकता है और इसे बचाने के लिए युवाओं को टेस्ट मैच खेलने के लिए उत्साहित करना होगा। इसी को आगे बढ़ाते हुए सचिन ने बुधवार को कहा कि ऐसा कोई तय फॉर्मूला नहीं है जिससे हम युवा खिलाड़ियों को टेस्ट को पसंद करने के लिए मजबूर करें। मैं भारत के लिए खेलने का सपना देखते हुए बड़ा हुआ हूं और देश के लिए टेस्ट मैच खेलना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है।हर अभ्यास सत्र में मैं और ज्यादा मेहनत करता था। मैं भारतीय कैप पहनना चाहता था लेकिन इसके लिए मैं दूसरों को मजबूर नहीं कर सकता। हर खिलाड़ी की अपनी व्यक्तिगत राय होती है। आप किसी को वह करने को मजबूर नहीं कर सकते जो वह नहीं करना चाहता। अगर कोई टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता है तो वह अपना रास्ता खुद ही ढूंढ़ लेगा। द्रविड़ ने हाल ही में कहा था कि आज की पीढ़ी टी-20 देखते हुए बड़ी हो रही है और आगे वह वही खेलना चाहेगी। टेस्ट को बचाने के लिए उन्हें टेस्ट मैच का महत्व बताना होगा। 188 टेस्ट मैचों में 15470 रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर ने ईएसपीएन-स्पो‌र्ट्स सेंटर प्रोग्राम में कहा कि मैं किसी को टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। 23 साल से क्रिकेट खेल रहे सचिन ने मैदान में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के अलावा आजकल के लड़कों के साथ खेलने के अनुभवों को बांटते हुए कहा कि आपको यह जानना पड़ता है कि अलग-अलग परिस्थितियों और समय में सामने वाला व्यक्ति किस तरह का व्यवहार करेगा। जब मैं टीम इंडिया में छह साल बिता चुका था तब राहुल और सौरव ने टीम में जगह बनाई थी। हर पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ ऐसा होता है। मैं यह कह सकता हूं कि मैंने इन सभी खिलाड़ियों के साथ खेला है इसलिए हमारे बीच आपसी समझ बहुत अच्छी है।