16 February 2019



राष्ट्रीय
शिदे लोकसभा में प्रणब की जगह लेंगे
13-07-2012

नई दिल्ली। यदि कोई उलटफेर नहीं हुआ तो लोकसभा में प्रणब मुखर्जी की जगह केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिदे लेंगे। अगले माह शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले शिदे को काग्रेस संसदीय दल की बैठक बुलाकर लोकसभा में सदन का नेता मनोनीत कर दिया जाएगा। हालाकि, अगले वित्त मंत्री के तौर पर पी चिदंबरम का नाम लगभग तय होने के बाद शिदे को गृह मंत्रालय दिया जाए या नहीं, इस पर पार्टी आलाकमान कोई मन नहीं बना सका है। वैसे शिदे से पहले पार्टी आलाकमान जयपाल रेड्डी, कमलनाथ और पी चिदंबरम के नामों पर भी चर्चा कर चुका है। सूत्रों के मुताबिक, जयपाल रेड्डी और कमलनाथ तो शुरुआती दौर में ही रेस से बाहर हो गए थे। प्रखर वक्ता और राजनीतिक कौशल के लिहाज से पी चिदंबरम के नाम पर भी काफी मंथन हुआ। प्रणब की जगह उनका वित्तमंत्री बनना तो तय माना जा रहा है, मगर विपक्ष खास तौर से भाजपा से उनके तल्ख रिश्ते तथा उनके स्वभाव और अनुभव को देखते हुए आलाकमान उन्हें यह जिम्मेदारी देने से हिचक रहा है। काग्रेस नेतृत्व मान रहा है कि वाकपटुता और संसदीय कौशल के बावजूद चिदंबरम जल्दी चिढ़ जाते हैं और भाजपा भी उनको देखना नहीं चाहती। ऐसे में सदन की कार्यवाही चलाना और मुश्किल हो जाएगा। वहीं, सुशील शिदे को नेता सदन के रूप में प्रोन्नत करने में काग्रेस को सियासी लाभ भी दिख रहा है। वैसे उनका अंतर्मुखी स्वभाव और बहुत वाकपटु न होना, उनके खिलाफ था। इसके बावजूद दो बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री होने का अनुभव और पार्टी का दलित चेहरा होने के चलते काग्रेस अब उनके नाम पर ही विचार कर रही है। वैसे भी शिदे की प्रोन्नति बहुत दिनों से प्रतीक्षित थी। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति चुनाव निपटते ही शिदे को लोकसभा में सदन का नेता बनाने की औपचारिकता पूरी की जा सकती है। वैसे भी 10 अगस्त से पहले संसद का मानसून सत्र प्रारंभ होना है, उससे पहले ही यह फैसला लेना होगा। वहीं, मंत्रिमंडल के फेरबदल में पी चिदबंरम का गृह मंत्रालय से वित्त मंत्रालय में जाना तय माना जा रहा है। विस्तार के समय को लेकर एक मत है कि 25 को राष्ट्रपति का चुनाव होते ही 26 जुलाई को मंत्रिमंडल में फेरबदल कर दिया जाए। हालांकि, इसके समय को लेकर अभी भी अंतिम फैसला नहीं हो सका है। साथ ही शिदे को गृहमंत्री बनाए जाने के मसले पर भी आलाकमान अभी पूरी तरह मन नहीं बना सका है। अलबत्ता, नेता सदन के तौर पर शिदे को कमान सौंपने के संकेत जरूर दे दिए गए हैं।