19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सीरिया की धरती फिर खून से लाल
13-07-2012

दमिश्क। सीरिया की धरती एक बार फिर खून से लाल हो उठी है। इस बार सेना ने हमा में हेलीकॉप्टरों व तोपों की मदद से जबरदस्ती बमबारी करते हुए 200 से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया। सीरिया के विपक्षी कार्यकर्ताओं ने इस बात की जानकारी दी है। इस बीच, सरकार ने इस नरसंहार के पीछे विद्रोहियों का हाथ बताया है।विपक्ष पार्टियों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि हमा प्रांत के त्रेमसेह गाव में सुरक्षाबलों ने हेलीकॉप्टरो व तोपों से जमकर गोलीबारी की और 200 से अधिक लोगों को मार गिराया। उनका कहना है कि सरकार समर्थित मिलिशिया शाबीहा के सैनिक जबरन गांव में घुस आएं और अंधाधुंध गोलीबारी करने लगे। हालाकि सरकारी मीडिया का कहना है कि यह नरसंहार आतंकी गुटों द्वारा किया गया है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के पहले देश में तनाव की स्थिति पैदा करना चाहते हैं।गौरतलब है कि अगर त्रेमसेह गांव में हुई घटना की पुष्टि हो जाती है तो ये तय है कि यह पिछले साल भर के दौरान सीरिया में होने वाली सबसे बड़ी घटना होगी। ज्ञात है कि मार्च 2011 से राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार के खिलाफ शुरू हुए विद्रोह में अब तक करीब 16,000 लोगों की मौत हो चुकी है खबरों के मुताबिक त्रेमसेह पर विद्रोहियों का कब्जा हो गया था लेकिन सुरक्षा बल इस गांव को अपने दायरे में वापस लेने की कोशिश कर रहे थे। इसलिए विद्रोहियों व सुरक्षा बलों के बीच यह झड़प हुई है।