16 February 2019



राष्ट्रीय
उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए ने चुना जसवंत को उम्मीढदवार
16-07-2012

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के लिए संप्रग की ओर से हामिद अंसारी के नाम के एलान के बाद राजग ने भाजपा के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह को मैदान में उतारने की घोषणा कर दी है। सोमवार को भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के घर हुई बैठक में जसवंत सिंह को राजग उम्मीदवार बनाने का फैसला किया गया। भाजपा और कुछ अन्य विपक्षी दल शरद यादव को चुनाव मैदान में उतरना चाहते थे, परंतु उनकी अनिच्छा के कारण जसवंत सिंह के नाम पर चर्चा की गई।लालकृष्ण आडवाणी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि राजग उम्मीदवार का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। आडवाणी ने कहा कि राजग ओर से हामिद अंसारी के नाम पर मुहर लगने के बाद प्रधानमंत्री ने मुझे इसकी सूचना दी थी। आडवाणी ने कहा कि मैंने उनसे उसी समय कह दिया था कि लोकपाल बिल पर बहस के दौरान जिस तरह अंसारी ने राज्यसभा स्थगित की थी उसकी वजह से मैं उनके नाम पर सहमत नहीं हूं।आडवाणी ने कहा कि पिछले दिनों में मीडिया में आया था कि राजग संयोजक शरद यादव उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ना चाहते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि इस बारे में शरद यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। बकौल आडवाणी, शरद ने कहा कि वह अभी और सक्रिय राजनीति करना चाहते हैं। उपराष्ट्रपति बनने की स्थिति में उन पर कई तरह की बंदिशें लग जाएंगी।जसवंत सिंह को मैदान में उतारने के बाद भाजपा उनके लिए ज्यादा से ज्यादा वोट के जुगाड़ में लग गई है। आडवाणी ने कहा कि राजग उन सभी पार्टियों से संपर्क करेगा जिन्होंने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। पी.ए. संगमा को बतौर राष्ट्रपति उम्मीदवार पेश करने वाली तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भाजपा को काफी उम्मीदें हैं। इसके अलावा पार्टी काग्रेस से इन दिनों बेहद नाराज चल रहीं ममता बनर्जी से भी समर्थन मागेगी।आकड़ों के लिहाज से उपराष्ट्रपति चुनाव में संप्रग उम्मीदवार का पलड़ा भारी रहेगा। उपराष्ट्रपति का फैसला संसद के करीब 790 सदस्यों को करना है। काग्रेस प्रबंधक 450 से ज्यादा वोट अपने पक्ष में गिन रहे हैं। इसके बावजूद काग्रेस को चिंता है कि यदि अंसारी कम वोटों से जीते तो विपक्ष को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलेगी। इसीलिए अभी ममता को समझाने की कोशिशें जारी रहेंगी।