24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
मिस्त्र में प्रजातंत्र की वापसी पर हिलेरी का जोर
16-07-2012

काहिरा। मिस्र की दो दिवसीय यात्रा पर काहिरा में मौजूद अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने रविवार को सेना के उच्च अधिकारियों से मुलाकात की। वार्ता के दौरान उन्होंने मिस्त्र में प्रजातंत्र की वापसी पर जोर दिया। हिलेरी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी और सुप्रीम काउंसिल ऑफ द आ‌र्म्ड फोर्सेज (एससीएएफ) के बीच सत्ता को कब्जे में रखने के लिए रस्साकशी चल रही है।हिलेरी शनिवार को मुर्सी से मिली थीं। रविवार को उन्होंने फील्ड मार्शल हुसैन तंतावी से वार्ता की। तंतावी ने जन विद्रोह में होस्नी मुबारक को हटाए जाने के बाद अंतरिम सरकार की कमान संभाली थी। दोनों ने राजनीतिक समाधान और एससीएएफ एवं मुर्सी के बीच चल रही वार्ता पर चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि क्लिंटन-तंतावी ने अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक मदद पर भी चर्चा की।तंतावी ने कहा कि मिस्त्र की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सबसे पहली जरूरत आर्थिक मदद की है। क्लिंटन लगातार कह रही हैं कि सेना को चुनाव के नतीजों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तंतावी को देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र का रास्ता कठिन होता है। मिस्त्र ने आधा रास्ता तय कर लिया है। अब उन्हें नए राष्ट्रपति, संविधान और संसद की सर्वोच्चता को स्वीकार करना चाहिए।